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आदि से अनंत तक सदा रही यह परंपरा । कायर भोगे सुख सदा वीर भोग्या वसुंधरा।।

बिल्कुल समझ से परे है यह व्यक्ति किसने सोचा होगा की चीन से इतनी तना-तनी के बीच खुद देश के प्रधानमंत्री जवानों का हौसला अफजाई करने उनके बीच पहुंच जाएंगे, देश का प्रधानमंत्री चाहे तो क्या नहीं कर सकता।
 सेना का मनोबल बहुत मजबूत हुआ है बीते कुछ वर्षों में, सेना जानती है केंद्र में जो सरकार है वो उनके बारे में भी सोचती है, युद्ध के साज-ओ-सामान से ले कर उनकी सुरक्षा के बारे में।
 इससे पहले देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी और इंदिरा गांधी जी भी युद्ध समाप्ति के बाद सामान्य परिस्थितियों में अपने सैनिकों से मिलने जा चुके हैं परन्तु युद्ध के समय में नहीं। ऐसे समय में ये दौरा शत्रु के दिल में उथल-पुथल अवश्य मचाएगा।
 पिछले छः सालों में एक बदलाव जो सबसे बड़ा हुआ है पहले पाकिस्तान भी मुश्किल लगता था आज के समय चीन भी हल्का लगने लगा है, मुझे लगता है ऐसे नेतृत्व में 2029 तक भारत सामरिक महाशक्ति तो अवश्य बन जाएगा।                                                     

RAHUL SINGH CHOUDHARY

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