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ईपीएफओ में चक्कर लगाने से राहत होगी ऑनलाइन सुनवाई, चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति

ईपीएफओ में चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। ईपीएफओ जल्द ही ई-कोर्ट के जरिए ऑनलाइन सुनवाई करने की तैयारी कर रहा है।ईपीएफओ बोर्ड सदस्य सुखदेव प्रसाद मिश्र ने बताया कि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग ई-कोर्ट सिस्टम से कारगर रहेगी। सुनवाई के लिए ईपीएफओ में आने की बजाय कंपनी के अधिवक्ता, अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मामलों का निस्तारण करेंगे। यह व्यवस्था यूपी के कार्यालयों में चरणबद्ध लागू की जाएगी। इसका सॉफ्टवेयर भी तैयार कर लिया गया है। कोविड काल में किसी भी कंपनी और अंशधारक को ईपीएफओ कार्यालय जाने की जरूरत नहीं है। पहले चरण में कंपनियों के पीएफ न जमा करने और सदस्यों के पीएफ के बकाए को जमा कराने के मामले लिए जाएंगे। इसके बाद अगले चरण में क्लेम सेटलमेंट नहीं हो रहा है तो उन मामलों की सुनवाई की जाएगी।

ईपीएफओ ने सॉफ्टवेयर का ट्रायल हरियाणा के करनाल से शुरू कर दिया है। इसी के बाद दिल्ली और यूपी में इसे शुरू किया जाएगा। यूपी में 10 हजार नए-पुराने मामले लंबित हैं। ऑनलाइन सुनवाई के जरिए एक महीने में निस्तारण का लक्ष्य भी रखा जा रहा है।

ईपीएफओ के एक अधिकारी ने बताया कि पहले चरण में 7ए के मामले लिए जाएंगे जिसमें कर्मचारियों का अंशदान न जमा करने और डिफॉल्टर कंपनियों की सुनवाई की जाएगी। इसी के साथ ही 14बी और 7क्यू धारा के मामले लिए जाएंगे, जिसमें अंशदान न जमा करने पर ईपीएफओ कंपनियों के खिलाफ नोटिस देकर कार्रवाई कर बैंक खाता सीज करती है। फिर कर्मचारियों का शेयर निकाल कर जमा किया जाता है। ऐसे हजारों मामले देश भर में लंबित हैं।

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