
अमेरिका की प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां हर साल इस वीजा के आधार पर चीन और भारत से हजारों पेशेवरों की नियुक्ति करती हैं।ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में संवाददाताओं से कहा, ”आज मैं एक सरकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर रहा हूं। इससे संघीय सरकार द्वारा अमेरिकियों को नौकरी देने के सरल नियम का अनुपालन सुनिश्चित हो सकेगा। ट्रंप ने कहा कि हमारा प्रशासन सस्ते विदेशी श्रम के बदले में मेहनती अमेरिकियों को नौकरी से बाहर करने की कार्रवाई को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”हम एच-1बी नियमन को अंतिम रूप दे रहे हैं जिससे अब किसी भी अमेरिकी कर्मचारी को बदला नहीं जाएगा। एच-1बी का इस्तेमाल अमेरिकियों के लिए रोजगार सृजन के लिए होगा। इसका इस्तेमाल शीर्ष ऊंचा वेतन पाने वाली प्रतिभाओं के लिए किया जाएगा। अब इसका इस्तेमाल सस्ते श्रम कार्यक्रमों तथा अमेरिका के लोगों के लिए नौकरियां समाप्त करने के लिए नहीं किया जा सकेगा। इस मौके पर ट्रंप के साथ नौकरियों की आउटसोर्सिंग के खिलाफ अभियान चलाने वाले कई लोग मौजूद थे।
इनमें प्रमुख रूप से फ्लोरिडा के प्रोटेक्ट यूएस वर्कर्स ऑर्गेनाइजेशन की संस्थापक एवं अध्यक्ष सारा ब्लैकवेल, टेनेसी वैली अथॉरिटी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर जोनाथन हिक्स तथा पेंसिल्वेनिया के यूएस टेक वर्कर्स के संस्थापक केविन लिन शामिल हैं।