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देश के लिए अयोध्या से पीएम मोदी का संबोधन

प्रभु श्री राम को तेज़ में सूर्य के समान, क्षमा में पृथ्वी के तुल्य,बुद्धि में बृहस्पति के सदृश्य और यश में इंद्र के समान माना गया है , श्रीराम का चरित्र सबसे अधिक जिस केद्र बिंदु पर घूमता है , वो है सत्य पर अडिग रहना , इसलिए ही श्री राम संपूर्ण हैं | ” कोरोना की वजह से जिस तरह के हालात है, प्रभु राम का मर्यादा का मार्ग आज और अधिक आवश्यक है | वर्तमान की मर्यादा है, दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी | मुझे विश्वास है, हम सब आगे बढ़ेंगे, देश आगे बढ़ेगा | भगवान राम का ये मंदिर युगों-युगों तक मानवता को प्रेरणा देता रहेगा, मार्गदर्शन करता रहेगा | हमें ध्यान रखना है, जब जब मानवता ने राम को माना है विकास हुआ है, जब जब हम भटके हैं, विनाश के रास्ते खुले हैं | हमें सभी की भावनाओं का ध्यान रखना है | हमें सबके साथ से, सबके विश्वास से, सबका विकास करना है |

अंकित सिंह

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