
शिमला के एसपी (SP) ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा, ‘इस मामले की कानूनी पहलू और प्रारंभिक जांच के बाद ही मामला किया जाएगा. फिलहाल ट्वीट को लेकर कानूनी राय ली जा रही है.’
कंगना पर एफआईआर को लेकर एसपी ने क्या कहा
शिमला के एसपी मोहित चावला ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है. एसपी का कहना है कि ढली थाने को ये शिकायत भेजी है. एडिश्नल एसपी प्रवीर ठाकुर इस मामले को देखेंगे. उन्होंने कहा कि पहले ये देखा जाएगा कि जो ट्वीट कर लिखा है, वो देशद्रोह या SC/ST की धारा के तहत आता है या नहीं. इसको लेकर पहले कानूनी राय ली जाएगी.
SP को दिए शिकायत पत्र में रवि कुमार ने लिखा है कि 23 अगस्त 2020 को रात 8:10 बजे कंगना रनौत ने अपने ट्वीटर एकाउंट पर एक ट्वीट किया कि भारतीय संविधान के कारण देश में आरक्षण के रूप में जातिवाद है. आगे लिखा है कि समस्त दलित समाज के लोगों ने जब इस ट्वीट का विरोध किया तो कंगना रनौत ने 24 अगस्त को फिर से अपने ट्वीट में चूहा लिख कर दलितों को अपमानित किया.
रवि ने आगे लिखा है कि भारतीय संविधान की धारा 13, 14 और 15 के तहत जातिवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है. भारतीय संविधान की धारा 309 में सभी को बराबर के प्रतिनिधित्व का अधिकार है. इन धाराओं के अनुसार कंगना रनौत का यह ट्वीट संविधान विरोधी है.’
आरोप लगाया कि कंगना ने जानबूझ कर अपने ट्वीट से भारतीय संविधान और संवैधानिक व्यवस्था का अपमान किया है और दलित समाज के लोगों का भी अपमान किया है. ऐसे में कंगना पर FIR कर कार्रवाई अमल में लाई जाए. रवि ने कहा कि ये शिकायत 27 अगस्त को एसपी को दी गई थी लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.