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अगर किसानों की आवाज नहीं सुनी गई .. तो ‘फॉर्मूला 66’ ‘- किसानों की यूनियनें केंद्र को चेतावनी दें

केंद्र द्वारा लाए गए नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन अपने 33 वें दिन पहुंच गया है।  केंद्र द्वारा किसान यूनियन नेताओं के साथ पांच दौर की वार्ता विफल करने के बाद शीर्ष अदालत ने हस्तक्षेप किया।  यह ज्ञात है कि एक समिति को उनकी समस्याओं को हल करने का आदेश दिया गया था।  किसान यूनियनों के नेताओं ने एक बार फिर केंद्र के साथ बातचीत के मद्देनजर चेतावनी जारी की है।  इस बार भी केंद्र ने चेतावनी दी कि अगर उन्होंने बात नहीं मानी तो उनका अगला कदम 66 फॉर्मूला 66 ’होगा।

किसान संघ के नेता राकेश टिकैत ने कहा, “आंदोलन शुरू हुए 33 दिन हो चुके हैं।  वार्ता अभी तक चरमोत्कर्ष पर नहीं पहुंची है।  अगर सरकार हमारी बात नहीं मानती है .. तो हम 66 फॉर्मूला 66 ’लागू करेंगे।  इसका मतलब है कि हम दिन में दो बार चिंता करना जारी रखेंगे। ‘  यह पहले से ही ज्ञात है कि देश भर में कई हस्तियां किसान आंदोलन का समर्थन कर रही हैं।

वेंकट टी रेड्डी

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