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भारत के ब्रिटिश उच्चायुक्त की शिकायत का असर: कमिश्नर डीएफओ से बोले- वीआईपी विजिट पर ही सफाई नहीं हो, आपसे नहीं संभलता तो हमें सौंप दो

अभी पतझड़ के मौसम में पत्ते तो गिरेंगे ही, हम पार्क की देखभाल खुद कर लेंगे: डीएफओजेडीए-निगम पहले भी गंदगी पर सफाई देते रहे, अब मुख्य सचिव कर सकते हैं विजिट
शहर की नाक का सवाल बन चुकी सफाई व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही। रोजाना मेयर और कमिश्नर इनको लेकर बैठकें और दौरे तो खूब कर रहे हैं, लेकिन शहर में सफाई का कचरा हो रखा है। देश के ब्रिटिश हाईकमिश्नर एलेक्स एलिस अपने परिजनों के साथ शहर घूमने आए तो उन्होंने भी यहां सफाई के खराब हाल पर सवाल उठाए।
एलिस शनिवार को सिटी पैलेस, हवामहल पहुंचे थे। इसके बाद वो रामनिवास बाग से निकले तो यहां कचरे-गंदगी, प्लास्टिक के हाल देख मुख्य सचिव निरंजन आर्य को बताया। फिर हर बार की तरह वीआईपी विजिट में अलर्ट होने वाले अफसर-अमला सक्रिय हुआ। आर्य के मैसेज के बाद गुरुवार को ग्रेटर निगम कमिश्नर यज्ञमित्र देव पार्क पहुंचे।
पार्क मेंटिनेंस चूंकि जेडीए के पास है तो उन्होंने मौके से ही संबंधित डीएफओ को फोन कर कहा कि सफाई व्यवस्था आपसे नहीं संभलती तो पार्क हमें सौंप दो।’ संबंधित डीएफओ महेश तिवारी ने बताया कि ‘फिलहाल पतझड़ चल रहा है, इसलिए पत्ते झड़ेंगे ही। फिर भी हम ध्यान देकर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करेंगे।’
रामनिवास बागहेरिटेज और ग्रेटर निगम निगम दोनों के बीचोंबीच यह इकलौता ऐसा पार्क है, जहां हाईकोर्ट का भी दखल है। निर्माण पर रोक है। नॉन वेंडिंग जोन है। पहला पार्क, जिसके बीच के सबसे वीआईपी जेएलएन की शुरुआत होती है। ऐसे में सफाई व्यवस्था के लिए अतिरिक्त इंतजामों की जरूरत है।
पार्क और सफाई; 16 हेक्टेयर एरिया है पार्क का। 9 हेक्टेयर में पार्क बाकि में सड़कें-फुटपाथ, ओपन एरिया आदि। 19 लाख रुपए 2 साल सफाई पर जेडीए खर्च कर रहा यानी 9.50 लाख सालाना। 43 लाख से मेंटिनेस।
सफाई पर पहले भी निगम ने अधिकार मांगे, जेडीए ने रोकारामनिवास बाग की सफाई पर पहले उठे सवालों के चलते जेडीए ने निगम को जिम्मेदारी लेने की बात कही। निर्णय पर फरवरी 2018 में पत्र भी लिखा। निगम ने पूरे एरिया का तकमीना तैयार कर जेडीए को भेजा। इसमें सालाना ‌43.20 लाख रुपए का खर्च बताया। खर्च जेडीए को ज्यादा लगा तो उन्होंने इससे कम खर्च में खुद के स्तर पर सफाई का निर्णय लिया। जुलाई 2019 में निगम को अवगत भी करा दिया।
अब क्या? जेडीए: नोन वेंडिंग जोन में अतिक्रमण हटाने को जेडीए संबंधित एनफोर्समेंट को लिख रहा, जोन कमिश्नर से भी धार्मिक स्थलों और अन्य पर मदद की मांग। निगम: पूरे मामले पर सीएस को रिपोर्ट। कुछ दिन में विजिट संभव।
^ सफाई-मेंटिनेंस को बेहतर करने का मैसेज था (सीएस से)। हम आर्कियोलॉजी, निगम के साथ इस काम को और बेहतर करेंगे। संबंधित फर्म और अधिकारियों को आदेश दिए हैं।-गौरव गोयल, जेडीए कमिश्नर
पहले लेने की बात चली थी, फिर कहा है कि चाहो तो मेंटिनेंस पैसे के साथ हमे दे दो। क्योंकि वीआईपी मूवमेंट में भी हम याद करते हैं।-सुरेश चौधरी, संबंधित नगर निगम उपायुक्त, मालवीय नगर

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