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नासा ने एलियंस का अध्ययन करने के लिए कार्यक्रम शुरू किया

वाशिंगटन, दिसम्बर, 28,:—- यदि वैज्ञानिकों के शोध के परिणामस्वरूप एलियंस वास्तव में प्रकट हुए तो मानव की स्थिति कैसी होगी? वे कैसे प्रतिक्रिया देते हैं? क्या वर्षों से उनके द्वारा धारण किए गए विश्वासों पर उनके विचार बदलेंगे? मिथक और ईश्वर की रचना जैसी अवधारणाएं कैसे बदल रही हैं? एलियंस इस ग्रह को कैसे प्रभावित करेंगे? इन सवालों के जवाब के लिए नासा ने एक कार्यक्रम शुरू किया है। इसने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रयोगों के साथ-साथ मानव विचार का अध्ययन और विश्लेषण करने के लिए विभिन्न धर्मों के 24 दार्शनिकों और विद्वानों का चयन किया है। वर्तमान में सामने आई कई शंकाओं का अध्ययन करने को कहा। अध्ययन अमेरिका के न्यू जर्सी में प्रिंसटन विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर बायोलॉजिकल इंक्वायरी (पीटीआई) में आयोजित किया जाएगा। नासा पहले ही इसके लिए 829 करोड़ रुपये (1.1 मिलियन डॉलर) आवंटित कर चुकी है। वे विभिन्न क्षेत्रों में मशहूर हस्तियों से राय लेते हैं और एक रिपोर्ट तैयार करते हैं। इन 24 दार्शनिकों में रेवरेंड एंड्रयू डेविसन थे। उन्होंने कहा कि एलियंस के प्रति मानवीय प्रतिक्रिया उनके द्वारा प्रचलित धार्मिक परंपराओं के अनुसार भिन्न होती है, और नास्तिक सोच भी बदल सकती है। हम एलियंस की खोज के बहुत करीब हैं।

वेंकट, ekhabar रिपोर्टर,

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