मध्यप्रदेश में अगले 5 दिन यानी 14 अगस्त तक तेज बारिश होने के आसार नहीं हैं। मानसून ब्रेक होने से अगस्त के दूसरे सप्ताह में प्रदेश सूखा रहेगा। ऐसा नया सिस्टम एक्टिव नहीं होने से होगा। तापमान बढ़ने से सोयाबीन-दलहनी जैसी फसलों पर संकट खड़ा हो सकता है। पौधों पर कीट अटैक और फफूंद लगने की आशंका है।
IMD भोपाल के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. वेदप्रकाश सिंह ने बताया कि मानसून ट्रफ लाइन की वजह से पिछले 48 घंटे के दौरान परिस्थितियां बदली हैं। यह हिमालय के तलहटी क्षेत्र में है। अभी यह उत्तराखंड, पंजाब से होकर गोरखपुर होते हुए पूर्वी भारत की ओर जा रही है। इसकी वजह से मध्य भारत में बारिश की एक्टिविटी घट गई है। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी ही हो रही है।
24 घंटे में कैसा रहा मानसून
मध्यप्रदेश में बारिश की एक्टिविटी में कमी आई है। पिछले 24 घंटे में रतलाम में 0.11 इंच, सीधी में 0.03 इंच, मलाजखंड में 0.01 इंच बारिश हुई। उज्जैन में भी पानी गिरा। भोपाल में हल्की बूंदाबांदी हुई।
भोपाल के कुछ इलाकों में बुधवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई।
भोपाल के कुछ इलाकों में बुधवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई।
MP में ओवरऑल बारिश का आंकड़ा घटा
मध्यप्रदेश में बारिश का दौर थमने से ओवरऑल बारिश का आंकड़ा घट गया है। मंगलवार तक प्रदेश में 6% बारिश ज्यादा हुई थी, जो बुधवार को 4% तक रह गया। गुरुवार को यह आंकड़ा और घट जाएगा। पूर्वी हिस्से में 7% और पश्चिमी हिस्से में 1% ही ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में औसत 22.92 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 22.04 इंच होना चाहिए।
इन जिलों में सबसे ज्यादा बारिश
प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश नरसिंहपुर में हुई है। यहां अब तक हुई बारिश का आंकड़ा 35 इंच से ज्यादा है। सिवनी-मंडला में 32 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।
इंदौर, जबलपुर, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, सागर, शहडोल, नर्मदापुरम और रायसेन में 28 इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।
बालाघाट, कटनी, निवाड़ी, पन्ना, उमरिया, बैतूल, भिंड, देवास, हरदा, रतलाम, सीहोर और विदिशा में बारिश का आंकड़ा 24 इंच के पार पहुंच गया है।
इन जिलों में कम बारिश
सतना, अशोकनगर, बड़वानी, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर और मुरैना में कम बारिश हुई है। यहां आंकड़ा 16 इंच को भी नहीं छू सका है।
(1 जून से 9 अगस्त तक की बारिश)
(1 जून से 9 अगस्त तक की बारिश)
मध्यप्रदेश में कैसे रहेंगे अगले 24 घंटे
मानसूनी सिस्टम के एक्टिव नहीं होने से अगले 24 घंटे में कहीं भी तेज बारिश होने का अनुमान नहीं है। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी जरूर हो सकती है। भोपाल में बादल छाए रहेंगे। इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में भी ऐसा ही मौसम रहेगा।
MP के 5 बड़े शहरों में मौसम का हाल
भोपाल: बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है।
इंदौर: तेज बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम साफ रहेगा।
ग्वालियर: यहां मौसम शुष्क रहेगा। बारिश होने का अनुमान नहीं है।
जबलपुर: बादल छाए रह सकते हैं। कहीं भी तेज बारिश का अनुमान नहीं है।
उज्जैन: शहर में कुछ इलाकों में बूंदाबांदी होने का अनुमान है।
फसलों की देखरेख करने की जरूरत
मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया कि उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र के ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम, शहडोल, जबलपुर संभाग में पिछले सप्ताह अच्छी बारिश ही हुई है, जो धान की रोपाई और आगे के लिए भी ठीक रहा। हालांकि, 10 से 15 दिन बारिश नहीं होगी। इसके चलते जहां जलभराव नहीं हुआ या पर्याप्त बारिश नहीं हुई, वहां सिंचाई की जरूरत पड़ सकती है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग के हिस्सों में पिछले 10 से 12 दिन में अच्छी बारिश नहीं हुई है। सोयाबीन या दलहनी फसलें हैं, उनमें पानी की कमी की वजह से पत्ते पीले पड़ सकते हैं या फिर फफूंद की स्थिति देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसानों को फसलों की देखरेख करने की जरूरत रहेगी
