मप्र हाई कोर्ट ने सरकार से मांगा बाल न्यायालय पर जवाब

जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार सहित 13 पक्षकारों से किशोरों के लिए अलग से न्यायालय न होने पर जवाब मांगा है। इन पक्षाकारों को अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए चार हफ्तों का समय दिया गया है।

उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश सरकार, डीजीपी, एमपी होईकोर्ट के प्रमुख सचिव और महिला बाल विकास सहित 13 पक्षकारों से प्रदेश में किशोर और बालकों के लिए अलग से न्यायालय न होने पर जवाब मांगा है। न्यायालय ने इन पक्षकारों को चार हफ्तों के अंदर जवाब प्रस्तुत करने का समय दिया है। चार हफ्तों बाद इस मामले पर अगली सुनवाई होगी।

गौरतलब है की सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमे किशोर और बालकों के अपराधों के मामले में देश के सभी राज्यों में अलग से कोई न्यायालय नहीं है। किशोर और बालकों के अपराधों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया इख्तियार किया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए इस मामले में सभी पक्षकारों से चार हफ्तों के भीतर जवाब मांगा है।

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