Madhya Pradesh कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक लामबंद

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने की चर्चा के बीच नए अध्यक्ष को लेकर कांग्रेस में विभिन्न् गुटों के नेता सक्रिय हो गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक अपने नेता को यह जिम्मेदारी दिए जाने के लिए लामबंद हो गए हैं।

दूसरी तरफ कुछ नेता उन्हें इस जिम्मेदारी को दिए जाने पर तंज भी कसने से नहीं चूक रहे हैं। वे यह तक कह रहे हैं कि इस चुनाव ने सभी छोटे-बड़े चेहरों को एक लाइन में खड़ा कर दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बीच मंत्रालय में इस मुद्दे पर चर्चा भी हुई है।

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कमजोर प्रदर्शन के बाद देशभर में कांग्रेस संगठन में फेरबदल के लिए इस्तीफों का दौर चल रहा है। वहीं, विधानसभा चुनाव के बाद मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री बनने पर अध्यक्ष पद छोड़ने की पेशकश की थी, लेकिन लोकसभा चुनाव तक उन्हें हाईकमान ने जिम्मेदारी संभालने को कहा था। मगर लोकसभा चुनाव में पांसा पलट गया और अब नए चेहरे को पीसीसी अध्यक्ष की जिम्मेदारी दिए जाने की मांग उठने लगी है। प्रदेश में कांग्रेस के विभिन्न् गुटों के नेताओं के नाम चर्चा में आ गए हैं। यही नहीं, मंत्रालय में मंगलवार को मुख्यमंत्री नाथ और दिग्विजय सिंह के बीच बंद कमरे में चर्चा भी हुई।

सूत्र बताते हैं कि यहां पीसीसी अध्यक्ष के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं में बातचीत हुई। सिंधिया की हार के बाद उन्हें पीसीसी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर केपी सिंह ने सोमवार को बयान दिया था कि लोकसभा चुनाव ने जनता ने छोटे-बडे सभी चेहरों को एक लाइन में खड़ा कर दिया है। पीसीसी अध्यक्ष का फैसला हाईकमान को करना है। गौरतलब है कि केपी सिंह और सिंधिया के संबंध अलग-अलग मौकों पर खट्टे-मीठे रहे हैं। सिंधिया को केपी सिंह की पिछोर विस सीट से ही बढ़त मिली है और शेष सभी सात सीटों से वे भाजपा प्रत्याशी से हारे हैं।

सिंधिया समर्थक खुलकर सामने आए

इधर, सिंधिया समर्थक मंत्री, विधायक, पूर्व विधायक, कार्यकर्ता अपने नेता को पीसीसी अध्यक्ष बनाए जाने की मांग उठाने के लिए लामबंद हो गए हैं। मंत्री इमरती देवी, प्रद्युम्नसिंह तोमर, तुलसीराम सिलावट, विधायक सुरेश धाकड़ ‘राठखेड़ा” व मुन्नालाल गोयल, पूर्व विधायक राजेंद्र भारती व हेमंत कटारे, पीसीसी प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी सहित कई नेता इनमें शामिल हैं। इमरती देवी ने सिंधिया को पीसीसी की कमान सौंपने के लिए पहले खुलकर बयान दिया था और बाद में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने की मांग की थी। वहीं तोमर खुलकर सिंधिया को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग कर रहे हैं।

सिंधिया से बेहतर विकल्प नहीं: गोयल

तुलसीराम सिलावट का कहना है कि सिंधिया को हाईकमान ने जब भी जो भी जिम्मेदारी दी है, उसे उन्होंने समर्पित भाव से निभाई है। सुरेश धाकड़ ‘राठखेड़ा” ने कहा कि सिंधिया युवा हैं और उन्हें पीसीसी अध्यक्ष बनाए जाने से संगठन मजबूूत होगा। सिंधिया को पीसीसी अध्यक्ष बनाने के समर्थन में हाईकमान को पत्र भी लिखेंगे। मुन्नालाल गोयल ने कहा कि अगर नया पीसीसी अध्यक्ष बनाया जाता है तो सिंधिया से बेहतर विकल्प कोई दूसरा नहीं है।

भारती ने कहा कि सिंधिया जन नेता हैं और उन्हें पीसीसी अध्यक्ष बनाया जाता है तो संगठन की ताकत बढ़ेगी। हेमंत कटारे ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने में सिंधिया का महत्वपूर्ण योगदान है। पकंज चतुर्वेदी ने कहा है कि सीएम कमलनाथ एक पद से मुक्त होने के संकेत दे चुके हैं और उनके स्थान पर सिंधिया को पीसीसी अध्यक्ष बनाया जाता है तो उनकी राजनीतिक योग्यता व क्षमताओं का पार्टी सदुपयोग कर सकती है।

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