केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

दिल्ली, 15 जुलाई: — केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को एक अहम फैसला लिया. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 की धारा 66ए के तहत दर्ज प्रकरणों को निरस्त करने का निर्णय लिया गया। गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस आशय के निर्देश जारी किए हैं। धारा 66ए के तहत नए मामले दर्ज नहीं करने का आदेश दिया।

2015 में, सुप्रीम कोर्ट ने आईटी अधिनियम की धारा 66 ए को रद्द कर दिया। फैसले के छह साल बाद, सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में देश भर में उस धारा के तहत दर्ज मामलों की संख्या पर नाराजगी व्यक्त की है। केंद्र को नोटिस जारी गृह मंत्रालय ने इस संबंध में नया फैसला लिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश भर के 11 राज्यों में 1307 मामले दर्ज किए गए।इस मामले में महाराष्ट्र सबसे ऊपर है। उल्लेखनीय है कि दोनों तेलुगु राज्यों में धारा 66ए के तहत 50 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

वेंकट, ekhabar Reporter,

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