लखीमपुर खीरी कांड में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की नीति को गलत बताया है।

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को लखीमपुर खीरी कांड में उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य पुलिस की भूमिका को आड़े हाथ लिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि घटना को अंजाम देने वाले केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ गंभीर शिकायतें हैं. जस्टिस एनवी रमना, सूर्यकांत और हिमाकोहली की बेंच ने सवाल किया कि मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी के लिए कोई वारंट क्यों जारी नहीं किया गया।

यूपी सरकार के वकील हरीश साल्वे ने दलील दी,
साल्वे ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि मृतक के शरीर के अंगों पर गोली के निशान नहीं थे और इसलिए आशीष को गिरफ्तार नहीं किया गया।

साल्वे ने शीर्ष अदालत को बताया कि लखीमपुर मामला, जिसमें आठ लोग मारे गए थे, जरूरत पड़ने पर सीबीआई को स्थानांतरित किया जा सकता है। कहा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, सीजेआई एनवी रमना ने कहा कि सीबीआई जांच इस मुद्दे का समाधान नहीं है और अगली सुनवाई 20 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।

वेंकट, ekhabar रिपोर्टर,

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