1857 के सिपाही विद्रोह में शहीद हुए वीर जवानों के कंकाल मिले हैं

चण्डीगढ़, मई, 12,:– भारतीय ब्रिटिश शासन के अधीन 1857 के सिपाही विद्रोह के महत्व से अवगत थे।  इतिहासकार 1857 के सिपाही विद्रोह को भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम बताते हैं।  ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह यहीं से शुरू हुआ था।

हालांकि, हाल ही में सिपाही विद्रोह में मारे गए 282 भारतीय सैनिकों के कंकाल पंजाब में मिले हैं।  पंजाब विश्वविद्यालय में मानव विज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ जेएस सहरावत ने कहा कि अमृतसर के पास खुदाई के दौरान सैनिकों के कंकाल मिले थे।  अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि अजनाला में एक धार्मिक इमारत के नीचे एक कुएं की खुदाई में 282 भारतीय सैनिकों के कंकाल मिले हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पाए गए सिक्कों के साथ-साथ डीएनए अध्ययन, मानवशास्त्रीय तत्व विश्लेषण और रेडियो-कार्बन डेटिंग से पता चलता है कि सिपाही विद्रोह के दौरान सैनिक मारे गए थे।  हालांकि, ब्रिटिश शासन के दौरान भारतीय सैनिकों ने.. विद्रोह शुरू कर दिया क्योंकि गोलियां सूअर के मांस और गोमांस से बनी थीं।  इसके कारण ब्रिटिश अधिकारियों का विरोध करने वाले भारतीय सैनिकों की क्रूर हत्या हुई।  उसके बाद उनके शवों को एक कुएं में फेंक दिया गया।

वेंकट, Ekhabar रिपोर्टर,

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