सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के बीच अब तक 500 से ज्यादा भारतीयों को निकाला, जेद्दाह पहुंचे, एयरलिफ्ट कर लाया जाएगा भारत

सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के बीच वहां फंसे भारतीयों को निकालने के लिए मोदी सरकार ने ‘ऑपरेशन कावेरी’ चलाया है। इस ऑपरेशन के तहत अब तक सेना के विमान के जरिए सूडान से 500 से ज्यादा भारतीयों को निकाला जा चुका है। बता दें सूडान में युद्धरत गुटों ने 72 घंटे के संघर्ष विराम का ऐलान किया है। मंगलवार को ही सूडान में 72 घंटे की सीजफायर की घोषणा की और इसके बाद भारत ने अपने नागरिकों को निकालने का अभियान शुरू किया था।

पहुंचाया गया जेद्दाह एयरपोर्ट
‘ऑपरेशन कावेरी’ के तहत अब तक 121 लोगों और 135 लोगों के दो और समूहों को सूडान से सी-130J के जरिए जेद्दाह पोर्ट पहुंचाया गया। वहीं जेद्दाह पोर्ट भारत ने दो विमान भेज दिए थे। विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन भी इस अभियान का जायजा लेने के लिए जेद्दाह एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने सऊदी पोर्ट सिटी पर पहुंचने वाले भारतीयों का स्वागत किया। जो लोग सूडान के पोर्ट पर पहुंचे थे उन्हें सऊदी अरब ले आया गया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि ‘ऑपरेशन कावेरी’ के तहत पहले बैच में 278 भारतीयों को नेवी के जहाज INS सुमेधा से सूडान पोर्ट से सऊदी अरब के जेद्दाह पहुंचाया गया। इसके बाद 148 और 135 भारतीयों को भारतीय वायु सेना के C-130J एयरक्राफ्ट से जेद्दाह लाया गया। अब इन्हें जल्द ही एयरलिफ्ट कर भारत लाया जाएगा।

अभी भी कई लोग खार्तूम में ही फंसे हुए हैं
रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो अब तक खार्तूम में ही फंसे हुए हैं। वहीं भारत की ओर से मिलिट्री एयरबेस से भी संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, जिससे कि वहां फंसे लोगों को निकाला जा सके। भारत ने कंट्रोल रूम भी बनाया है जिसकी मदद से लोग अपनी जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा उनके भोजन और दवाओं की व्यवस्था की जा सकती है।

सूडान में चल रही है 10 दिनों से लड़ाई
बता दें कि सूडान की राजधानी खार्तूम में कई जगहों पर युद्ध चल रहा है और भीषण बमबारी भी हो रही है। पिछले 10 दिनों से यह लड़ाई जारी है। अब तक यहां लगभग 500 लोगों की जान जा चुकी है और 4 हजार लोग घायल हो गए हैं। वहीं लगभग सभी देश अपने नागरिकों को सूडान से अपनों को निकालने के प्रयास में लगे हैं। बता दें कि यह लड़ाई दो जनरलों के बीच सत्ता के लिए हो रही है। सूडानी आर्म्ड फोर्सेस के प्रमुख अब्देल फतह अल बुरहान और अर्द्धसैनिक बल रैपिट फोर्सस के लीडर मोहम्मद हमदान दगालो के बीच यह लड़ाई है। कभी दोनों साथ में ही काम करते थे। अब दोनों वर्चस्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

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