मानसून की केरल में एंट्री हो गई है। मध्यप्रदेश में यह 20 जून के बाद प्रवेश करेगा। एमपी में अमूमन 15 जून तक मानसून आ जाता है, लेकिन इस बार लेट हो जाएगा। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने अच्छी बारिश का अनुमान जताया है। इससे पहले प्रदेश में गुरुवार को बेमौसम बारिश का दौर जारी रहा। सीहोर में दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश होने लगी।
मध्यप्रदेश में इन दिनों कहीं बारिश, तो कहीं गर्मी के तेवर तीखे हैं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अरब सागर में चक्रवात बनने से प्रदेश में नमी तो आ रही है, लेकिन उसका असर कम है। इस कारण मौसम ऐसा बना हुआ है। खासकर दमोह, खजुराहो, छतरपुर समेत कई इलाकों में गर्मी का असर बढ़ा है।
भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ और थाईलैंड की ‘एक्ट वेस्ट’ नीति पारस्परिक समृद्धि को बढ़ावा देती हैं: मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और थाईलैंड के बीच कई क्षेत्रों में जीवंत साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और थाईलैंड की ‘एक्ट वेस्ट’…







