मध्य प्रदेश में है एक ‘छोटा गोवा’, मानसून आते ही सबसे ज्यादा आते हैं सैलानी, नजारा देख बना लेंगे घूमने का मन

जैसा कि आप सभी जानते हैं देश और दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में गोवा भी आता है। गोवा घूमने का सपना ना केवल हम भारतीय देखते हैं बल्कि यहां विदेशी सैलानी भी सबसे ज्यादा आते हैं। हर साल यहां हजारों-लाखों में लोगों की संख्या देखने को मिलती है, जिसमें हनीमून, फैमिली ट्रिप और दोस्तों के साथ ट्रिप मनाने वाले पर्यटक भी आते हैं। लेकिन अक्सर पैसे ज्यादा होने की वजह से हम अपना गोवा प्लान कैंसिल कर देते हैं।
लेकिन शायद अब आपकी इस जगह पर घूमने की ख्वाइश कम बजट में पूरी हो सकती है। जी हां, मध्य प्रदेश में एक छोटा गोवा यानि मिनी गोवा स्थित है, जहां स्थानीय लोग सबसे ज्यादा यहां अपना वीकेंड मनाने के लिए आते हैं। बता दें, यहां एक ऐसा गांव है, जो हूबहू गोवा जैसा लगता है। यहां के समुद्री बीच की अद्भुत खूबसूरती आपको यकीनन गोवा की याद दिला देगी। गोवा की तरह दिखने वाला मध्य प्रदेश का ये गांव मंदसौर जिले में पाया जाता है। इस जिले में मौजूद कंवला गांव चंबल नदी के किनारे स्थित है। यहां चंबल का किनारा चौड़ा है कि आपको कोई छोर दूर-दूर तक नजर नहीं आएगा। इस मिनी गोवा में 2 बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं, जो नदी के बीच में आपको किसी आइलैंड की तरह दिखाई देती हैं। इसी कारण यहां का नजारा समुद्र के जैसा लगता है। बारिश में यहां टूरिस्ट का सबसे अधिक जमावड़ा देखा जाता है।

कंवला में सनसेट को देखने का मजा कुछ और ही है। ये जगह काफी शांति वाली और प्राकृतिक नजारों से घिरी हुई है, मतलब देखने वालों के तो होश ही उड़ा देती है। यहां दिन के समय कैंप लगाकर भी आप यहां के दृश्यों को सुकून से देख सकते हैं। चंबल नदी के किनारे आपको लहरें भी टकराते हुए दिखाई देंगी। गांव की आबादी इस इलाके से थोड़ा दूरी पर रहती है। चंबल के तट पर दो बड़े-बड़े शिलाखंड भी हैं। इन शिलाखंडों में एबाबिल पक्षी के मिट्टी से बने हुए सुंदर घरोंदों को भी देखा जा सकता है, इनकी वजह से इन्हें गांव में ‘’चिड़ी वाला पत्थर’’ भी कहते हैं।

हालांकि ये देखने में कोई बड़ा टूरिस्ट स्पॉट नहीं है, जिसकी वजह से आपको आसपास बाजार जैसी चीजें बेहद कम दिखाई देंगी। आप खाना-पीना ले जाकर भी पिकनिक की तरह इस स्पॉट को एन्जॉय कर सकते हैं। वहीं, गडरारोड का रेडाणा गांव भी अन्य गांवों की तरह रेत से सटा हुआ है। यहां दूर-दूर तक केवल रेत का समंदर ही दिखाई देता है। बता दें, गर्मी के दौरान में तो यहां का तापमान 50 डिग्री तक चला जाता है। बाड़मेर से आने वाले पर्यटकों के लिए रेडाणा के रण से पहले किराडू मन्दिर, माता संचियाय का मंदिर, इंद्रोई स्थित मांशक्ति जैसे कई धार्मिक स्थल पड़ते हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं।

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