भोपाल दक्षिण-पश्चिम – सबनानी और शर्मा के बीच कड़ा मुकाबला

 

सबनानी को सभी वर्गों का स्नेह और आशीर्वाद तो शर्मा के पास पिछली जीत का अनुभव

भोपाल। भोपाल की दक्षिण-पश्चिम सीट का चुनावी मिजाज हमेशा से ही अलग रहा है। इस सीट पर मजदूर से लेकर सरकारी अधिकारियों तक का दबदबा होने के कारण यहां राजनीतिक बदलाव भी होते रहते हैं। भाजपा ने भी इस सीट पर नयापन दिखाते हुए भगवानदास सबनानी को अपना चेहरा बनाकर उतारा है। सबनानी को हर वर्ग, समुदाय और समाज का भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है। अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान वे अलग-अलग समाजों के लोगों से भी मिलकर वोट अपील कर रहे हैं। इस दौरान भोपाल दक्षिण पश्चिम विधानसभा के चूनाभट्टी के श्री गार्डन में ब्राह्मण समाज की बैठक हुई। जिसमें ब्राह्मण समाज ने आश्वासन दिया कि भाजपा को भारी मतों से विजयी बनायेंगे। समाज के लोगों ने सबनानी को भी जीत आशीर्वाद दिया है।
इस क्षेत्र की जनता को विकास की उम्मीद है और इसी विकास की धारा को आगे बढ़ाने के दावे के साथ भगवानदास सबनानी ने भोपाल दक्षिण पश्चिम विधानसभा के व्यापारियों, क्षेत्र के प्रतिनिधियों और मतदाताओं से सुखद संवाद किया। इस दौरान सबनानी ने कहा कि व्यापारियों का जोश भाजपा की सफलता की राह प्रशस्त करेगा। वार्ड 29 में मतदाताओं से भेंट कर उनका आशीर्वाद और टीटी नगर के सुनहरी बाग बस्ती में आयोजित बैठक में सम्मिलित होकर उपस्थित गणमान्यजनों से संवाद किया। सबनानी ने वार्ड क्रमांक 29 के कांग्रेस पार्षद देवांशु कसाना ने शिष्टाचार भेंट की। जनसंपर्क अभियान के दौरान आचार्य मुकेश महाराज, पंडित रामकिशोर वैदिक जी, जिला भाजपा अध्यक्ष सुमित पचौरी, विधानसभा प्रभारी आलोक संजर, सह प्रभारी व रोजगार निर्माण बोर्ड के अध्यक्ष शैलेन्द्र शर्मा, खेल प्रकोष्ठ के संयोजक चिकित्सा प्रकोष्ठ के संयोजक अभिजीत देशमुख सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • Related Posts

    अमृतसर में तीस किलो हेरोइन बरामद, एक गिरफ्तार

    पंजाब में अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने सीमा पार से तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक ड्रग तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से एक कार के…

    भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ और थाईलैंड की ‘एक्ट वेस्ट’ नीति पारस्परिक समृद्धि को बढ़ावा देती हैं: मोदी

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत और थाईलैंड के बीच कई क्षेत्रों में जीवंत साझेदारी पर जोर देते हुए कहा कि भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और थाईलैंड की ‘एक्ट वेस्ट’…