अहमदाबाद विमान हादसे में लंदन जा रही इंदौर की बहू की भी मौत, आखिरी वक्त पर फ्लाइट बदली

 इंदौर 

अहमदाबाद में हुई दुखद प्लैन क्रैश घटना में मरने वाले यात्रियों में इंदौर की हरप्रीत होरा भी थीं। हरप्रीत इंदौर के राज मोहल्ले में रहने वाले होरा परिवार की बहू थीं। उनके पति राबी होरा और बेटा लंदन में ही रहते हैं। वह उन्हीं के पास वापस लंदन लौट रही थीं और इस दुखद घटना की शिकार हो गई। परिजनों ने मौत की पुष्टि की है। इंदौर में राजमोहल्ला की रहने वाली हरप्रीत मायके अहमदाबाद से लंदन जा रही थीं। उनका सीट नंबर 22 ई था।

पति लंदन से आ रहे इंदौर

जानकारी के अनुसार पति लंदन से लौट रहे हैं और वह इंदौर आएंगे और यहां से सभी परिजन फिर अहमदाबाद जाएंगे। इस घटना से सभी स्तब्ध है। मायके और ससुराल दोनों ही जगह हरप्रीत की मौत से सन्नाटा पसरा है। यात्रियों की लिस्ट में वह 65वें नंबर है।

गुरुवार काे हुए इस हादसे में कुल 265 लोगों की मौत हुई है, इनमें से 241 पैसेंजर थे। एअर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने दोपहर 1:38 बजे उड़ान भरी थी और महज दो मिनट बाद 1:40 पर यह एयरपोर्ट की दीवार और एयर कस्टम कार्गो ऑफिस के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान में कुल 242 यात्री थे। इनमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत 52 ब्रिटिश, 6 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक थे।

पति से मिलने जा रही थी हरप्रीत राजमोहल्ला में रहने वाले होरा परिवार की बहू हरप्रीत, अपने पति रॉबी होरा से मिलने लंदन जा रही थीं। रॉबी के चाचा राजेंद्र सिंह होरा ने बताया- रॉबी लंदन से आज इंदौर पहुंच रहे हैं और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ आज शाम अहमदाबाद जाएंगे।

हरप्रीत का मायका अहमदाबाद में है। वह लंदन जाने से पहले यहां अपने पिता से मिलने आई थीं। पहले उनका टिकट 19 जून के लिए बुक था, लेकिन बेटे का जन्मदिन 16 जून को होने के कारण उन्होंने आखिरी समय में गुरुवार की फ्लाइट ली, जो हादसे का शिकार हो गई।

 

  • Related Posts

    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान बना मिसाल, बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान बना मिसाल, बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज  बड़वानी -बावनगजा में आयोजित समारोह में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स टीम…

    ‘जन विश्वास अभियान’ शुरू: गांव-तहसील पहुंचेंगे अधिकारी, मौके पर होगा समस्याओं का समाधान

    भोपाल  सुशासन के लिए किए जा रहे काम और जनहित में लागू की गई योजनाओं की समीक्षा अब मंत्रालय के बंद कमरों से बैठकर नहीं बल्कि मैदान में जन विश्वास…