लोकतंत्र की रक्षा के लिए मीसाबंदियों का संघर्ष स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों जैसा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

लोकतंत्र की रक्षा के लिए मीसाबंदियों का संघर्ष स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों जैसा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

 गणतंत्र की रक्षा के लिए जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित सभी देशभक्तों ने आपातकाल के संघर्ष में कुर्बानी दी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देश में आपातकाल की घोषणा की 50वीं बरसी पर मीडिया को जारी किया संदेश

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश में आपातकाल लागू किए जाने की 50वीं बरसी पर कहा है कि गणतंत्र की रक्षा के लिए जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सहित सभी देशभक्तों ने आपातकाल के संघर्ष में कुर्बानी दी है। इसी का प्रतिफल है कि आज दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र सुरक्षित है। भारत में संघ परिवार ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मीडिया को जारी संदेश में यह विचार व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, हमारे मार्गदर्शक लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह तथा श्रद्धेय मोरारजी देसाई सहित विपक्ष के सभी नेताओं ने एक स्वर में आपातकाल का विरोध करते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। यह स्वाधीनता संग्राम में क्रांतिकारियों द्वारा किए गए संघर्ष और बलिदान की याद दिलाता है। इसीलिए सभी मीसाबंदियों को लोकतंत्र सेनानी नाम मिला है। उन्होंने कहा कि एशिया में लोकतंत्र कहीं बचा है तो उसमें जनता पार्टी सहित विपक्षी नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उल्लेखनीय है कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू किया गया था। इसे लोकतंत्र के लिए काला दिन माना जाता है।

 

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