विधायक के परिजनों के पेट्रोल पंप पर नियमों की अनदेखी, बिना हेलमेट मिल रहा था पेट्रोल – प्रशासन ने दी चेतावनी

इंदौर
 इंदौर शहर में आज से पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट पेट्रोल देने पर रोक लगा दी गई है। शहर में एक पेट्रोल पंप ऐसा भी है, जहां पर इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा था। मरीमाता चौराहे पर स्थित शुक्ला ब्रदर्स पेट्रोल पंप पर बेधड़क बिना हेलमेट के पेट्रोल दिया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक यह पेट्रोल पंप विधायक गोलू शुक्ला के परिवार का है।

इस सूचना के बाद प्रशासन की टीम पेट्रोल पंप पर पहुंची और फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अब बगैर हेलमेट पेट्रोल न दिया जाए और अगर ऐसा करते पाए गए तो पेट्रोल पंप सील कर दिया जाएगा। इसके बाद से अब यहां हेलमेट पहने चालकों को ही पेट्रोल दिया जा रहा है। इस पेट्रोल पंप के करीब दो और पेट्रोल पंप हैं, जहां नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।

इधर… हेलमेट नहीं लगाने पर 10 वाहन चालकों पर जुर्माना

क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय इंदौर में नो हेलमेट, नो इंट्री दोपहिया वाहन चालकों के लिए लागू की गई है। इसके अमल के लिए गुरुवार को कार्यालय के गेट पर एआरटीओ द्वारा अधिकारियों, कर्मचारियों और आवेदकों की जांच की गई। बगैर हेलमेट के आने वाले 10 वाहन चालकों पर कार्रवाई कर जुर्माना वसूला गया। साथ ही सभी को समझाई दी गई कि दोबारा बगैर हेलमेट के आने पर लाइसेंस निलंबित कर दिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति द्वारा दिए गए हेलमेट अनिवार्य करने के निर्देश के बाद क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय इंदौर में नो हेलमेट, नो इंट्री का नियम बुधवार को लागू किया गया। इसके तहत गुरुवार सुबह कार्यालय खुलने के साथ ही एआरटीओ राजेश गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने प्रवेश द्वार पर ही दोपहिया वाहनों की जांच की। आरटीओ प्रदीप शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान 10 वाहन चालकों से जुर्माना वसूला गया।

कलेक्टर के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती

पेट्रोल खरीदते समय हेलमेट पहनने का संबंध सड़क सुरक्षा से कैसे हो सकता है? ऐसे ही सवाल उठाते हुए कलेक्टर के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। बिना हेलमेट वाले वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने के आदेश के खिलाफ जनहित याचिका दायर हुई है। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश ईनानी याचिकाकर्ता बने हैं। उन्होंने ट्रैफिक सुधार के लिए मौजूद कानून से लेकर शहर की सड़क और ट्रैफिक व्यवस्था तक का हवाला दिया है।

याचिका में पेट्रोल खरीदने के लिए हेलमेट पहनने के आदेश को बेतुका बताया है। याचिकाकर्ता ने याचिका में कहा है कि हेलमेट पहनने के नियम का पालन करवाने के लिए पहले से नियम मौजूद हैं। इसे नहीं मानने वाले का ट्रैफिक पुलिस चालान बना सकती है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि कलेक्टर ने दो महीने के लिए आदेश जारी किया है। ऐसा कौन सा फार्मूला है कि दो महीने में बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं देने से ट्रैफिक व्यवस्था सुधर जाएगी।

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