“डिस्काउंट के जाल में न फंसे ग्राहक: सोने-चांदी की ज्वेलरी पर छूट के नाम पर चल रही हेराफेरी”

विवेक झा, भोपाल , 4 अगस्त। त्योहारों और शादियों के सीजन में बाजारों में सोने-चांदी की ज्वेलरी पर भारी डिस्काउंट और होलसेल रेट के नाम पर ग्राहकों को लुभाने का सिलसिला तेज़ हो गया है। परंतु विशेषज्ञों और व्यापारिक संगठनों का कहना है कि यह ‘छूट’ केवल दिखावे की है, असलियत में इन ऑफर्स के पीछे भ्रामक चालें और कई स्तरों पर हेराफेरी की जाती है, जिससे आम उपभोक्ता अनजाने में ठगी का शिकार हो रहा है।

छूट से पहले ही बढ़ा दी जाती है बनवाई

मप्र सराफा एसोसिएशन के कोषाध्‍यक्ष संजीव गर्ग गांधी ने बताया कि ज्वेलरी पर बनवाई शुल्क में छूट देने का प्रचार अक्सर किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि अधिकतर दुकानदार पहले ही बनवाई की मूल दरों को 30 से 50 प्रतिशत तक बढ़ाकर कोट करते हैं। इसके बाद छूट का लालच देकर ग्राहक को भ्रमित करते हैं। उदाहरण के तौर पर, जो बनवाई सामान्यतः ₹400 प्रति ग्राम होनी चाहिए, उसे ₹600 या ₹700 बताकर फिर 20-30% डिस्काउंट का ढोंग रचाया जाता है।

‘होलसेल रेट’ सिर्फ एक दिखावा

गांधी ने बताया कि कुछ स्टोर ‘होलसेल रेट’ का प्रचार करते हैं, लेकिन ये दरें आमतौर पर एमआरपी से ज्यादा ही होती हैं। ग्राहक को यह बताया जाता है कि उन्हें थोक मूल्य पर गहने मिल रहे हैं, जबकि वास्‍तव में उन्हें उतनी ही या अधिक कीमत पर सामान बेचा जाता है।

स्टोन, कुंदन, मीना और पोलकी में भी घालमेल

बाजार में स्टोन, कुंदन, मीना, डायमंड पोलकी जैसी ज्वेलरी में भी हेराफेरी के मामले बढ़े हैं। कई विक्रेता सस्ते कृत्रिम स्टोन को असली कहकर ऊंची कीमत वसूलते हैं। पोलकी के नाम पर सिंथेटिक या लेबग्रोन डायमंड जड़े जा रहे हैं। इससे न सिर्फ ग्राहक को आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि क्वालिटी और प्रमाणिकता पर भी सवाल उठते हैं।

लेब-ग्रोन डायमंड को असली बताकर बेच रहे

वर्तमान में लेब-ग्रोन डायमंड (प्रयोगशाला में बने हीरे) को असली नैचुरल डायमंड के तौर पर पेश किया जा रहा है। दोनों के मूल्य में बड़ा अंतर होता है, लेकिन लेब-ग्रोन डायमंड को बिना उचित जानकारी दिए उपभोक्ता को नैचुरल डायमंड के रेट पर बेचा जा रहा है।

बैन एलॉय से स्किन एलर्जी का खतरा

एक और गंभीर मुद्दा सामने आया है—ज्वेलरी निर्माण में इंटरनेशनल लेबल पर प्रतिबंधित एलॉय (मिश्रधातु) का प्रयोग। ये एलॉय स्किन एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। सस्ते गहनों में गुणवत्ता की जगह केवल आकर्षक डिजाइन और वजन को प्राथमिकता दी जाती है, जो आगे चलकर त्वचा की समस्याओं का कारण बनते हैं।

ग्राहकों के लिए सलाह

गांधी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की छूट, ऑफर या होलसेल रेट के झांसे में आने से पहले पूरा मूल्यांकन करें। हमेशा BIS हॉलमार्क ज्वेलरी खरीदें, बिल लें और ज्वेलरी में लगे स्टोन, डायमंड या अन्य धातुओं की प्रमाणिकता की जांच करवाएं।

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