मध्यप्रदेश में सरकारी बसों की वापसी, नए साल पर 20 शहरों को मिलेगा ‘सुगम परिवहन’ का तोहफा

भोपाल
मध्य प्रदेश में जल्द ही ‘सरकारी बस’ सड़कों पर एक बार फिर दौड़ते नजर आएंगी। मोहन सरकार जल्द ही ‘राज्य परिवहन निगम’ की तर्ज पर नए सिरे से बस सेवा प्रारंभ करने वाली है। नए साल में प्रदेश की जनता को यह सौगात मिलने वाली है। बता दें कि इसका नया नाम ‘सुगम लोक परिवहन सेवा’ होगा जो पीपीपी मॉडल पर संचालित होगी।

जानकारी अनुसार प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव ने ‘सुगम लोक परिवहन सेवा’ के जरिए एमपी में सरकारी बसों की वापसी करने जा रहे हैं। सेवा चाहू होने के बाद दूरस्थ्य गांव तक तक सस्ती और लग्जरी यात्रा की सुविधा मिल सकेगी। कैबिनेट में इस प्रस्ताव को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। सरकार ने इसके लिए 101 करोड़ की अंशपूंजी को बजट को स्वीकृति दी है। बता दें कि वर्तमान में मध्यप्रदेश के 20 शहरों में सार्वजनिक परिवहन के लिए गठित SPVs में से 16 कंपनियां कार्यरत हैं, जिन्हें अब संभागीय कंपनियों में मर्ज करने का निर्णय लिया गया है।

कंपनियों पर नियंत्रण के लिए ‘होल्डिंग कंपनी’ का गठन

प्रदेश में बसों के परिवहन सेवा और व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा इसके एकीकृत संचालन के लिए 7 कंपनियों पर दारोमदार होगा। इन सातों कंपनियों पर नियंत्रण के लिए स्टेट लेवल पर ‘होल्डिंग कंपनी’ का गठन किया जाएगा। यह कंपनी कंपनीज एक्ट—2013 के तहत गठित की जाएगी, साथ ही जिला स्तर पर यात्री परिवहन समितियों के गठन को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है।

बस टर्मिनल व अन्य स्ट्रक्चर PPP मॉडल पर होंगे

बता दें कि एमपी में सीएम सुगम लोक परिवहन सेवा के तहत बस स्टेंड, टर्मिनल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। बस संचालन और संधारण भी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत निजी बस ऑपरेटर्स के माध्यम से किया जाएगा। हालांकि इन सब पर पूरा नियंत्रण सरकारी कंपनी का रहेगा। 

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