जनसमस्याओं के निराकरण में संवेदनशीलता और जवाबदेही जरूरी -CM

-मुरैना में जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में सीएम ने दिए निर्देश
-शिकायतों का प्रारंभिक स्तर पर समाधान करने पर जोर
-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को 2 लाख और राष्ट्रीय-राज्य स्तर के खिलाड़ियों को 1-1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि देने घोषणा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनसमस्याओं का निराकरण संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए शिकायतों का प्रारंभिक स्तर पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जाए। शासन और प्रशासन का मूल उद्देश्य आमजन को योजनाओं का लाभ सहजता से उपलब्ध कराना तथा उनकी समस्याओं का समय-सीमा में समाधान करना है। अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए लापरवाही और अनियमितता के मामलों में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री समाधान कार्यक्रम में विभिन्न शिकायतकर्ताओं से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने मुरैना कलेक्ट्रेट सभागार में जनविश्वास अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में औद्योगिक विकास, युवाओं के कौशल प्रशिक्षण और रोजगार, कृषि एवं पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, सहकारिता, पर्यटन, चिकित्सा सुविधाओं तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने सहित जिले के समग्र विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जिले को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए स्थानीय आवश्यकताओं, संसाधनों और संभावनाओं के अनुरूप योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। विकास योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रत्यक्ष फायदा आमजन तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।

 

मुख्यमंत्री समाधान कार्यक्रम में शिकायतों पर सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समाधान कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना, आवास योजना के बिलों में गड़बड़ी, राष्ट्रीय परिवार सहायता योजना और नल-जल योजना से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन से जुड़े मूलभूत विषयों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को शिकायतों की गंभीरता से जांच कर समय पर समाधान करने के निर्देश दिए गए।महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ओ.पी. पांडे को संबंधित प्रकरण में कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री अमर दाहिया को नल-जल योजना से संबंधित मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। ऊर्जा विभाग के उप महाप्रबंधक रघुवीर सिंह के मामले में शिकायत का समय पर निराकरण नहीं होने पर लघु शास्ति अधिरोपित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, नगर निगम आयुक्त सत्येन्द्र धाकरे को नगरीय निकायों से संबंधित प्रकरणों का अभिलेख तैयार कर प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि संबंधित व्यक्ति को वास्तविक राहत मिले। विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के कार्यों की निगरानी की जाती है। प्रस्तुत प्रतिवेदनों में अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बने विकास का रोडमैप

जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले की समस्याओं, आवश्यकताओं और विकास की संभावनाओं को समझने में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र से जुड़े सुझाव समिति के माध्यम से सामने लाएं, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार व्यावहारिक योजनाएं तैयार कर उनका प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके।उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित समीक्षा करने और योजनाओं की प्रगति का आकलन करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनहित में नवाचार करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि उससे आम नागरिक के जीवन में कितना सकारात्मक बदलाव आया है।

 

उद्योगों की जरूरत के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना जिले में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। यहां स्थापित हो रही औद्योगिक इकाइयों से स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए पहले से तैयारी करना आवश्यक है। इसके लिए प्रस्तावित उद्योगों से उनकी मानव संसाधन संबंधी जरूरतों की जानकारी प्राप्त की जाए और उसी के अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाए। इससे औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन शुरू होते ही स्थानीय प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।उन्होंने ग्लास विनिर्माण इकाई का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं क्षेत्र में निवेश, उत्पादन और रोजगार के नए अवसर पैदा करती हैं। उद्योगों को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय स्तर पर कुशल मानव संसाधन तैयार करना भी जरूरी है।मुख्यमंत्री ने पराली से औद्योगिक उत्पाद तैयार करने वाली इकाइयों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि अपशिष्ट का उपयोग कर नए उत्पाद बनाने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से ऐसे नवाचार करने वाले उद्यमियों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया।मुरैना में फूड पार्क विकसित करने की दिशा में प्रयास करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। किसानों के उत्पादों का प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन होने से उन्हें बेहतर मूल्य प्राप्त करने के अवसर बढ़ेंगे। उद्योगों का विस्तार स्थानीय संसाधनों और उपलब्ध संभावनाओं के अनुरूप होना चाहिए, ताकि जिले की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार मिल सके।

 

दुग्ध उत्पादन और सहकारिता से बढ़ेगी किसानों की आय

मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादन, पशुपालन और सहकारिता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के माध्यम से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार करना है।उन्होंने कहा कि गांवों में दुग्ध उत्पादकों को सहकारी समितियों से जोड़ने की जरूरत है। इससे दूध का संग्रहण और विपणन व्यवस्थित होगा तथा छोटे पशुपालकों को भी बाजार उपलब्ध हो सकेगा। सहकारी संस्थाओं को मजबूत बनाने और दुग्ध उत्पादकों को संगठित रूप से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री ने देशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ‘वृंदावन ग्राम’ की अवधारणा पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि गौपालन, दुग्ध उत्पादन और सहकारी गतिविधियों को एकीकृत रूप से प्रोत्साहित करने से गांवों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत गोशाला में 500 गायों के रखरखाव की परिकल्पना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गायों के पालन-पोषण के लिए प्रति गाय प्रतिदिन 40 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने गोशालाओं के संचालन और प्रबंधन की समीक्षा करने तथा प्रत्येक जिले में उनकी स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई। पशुओं की नस्ल सुधार, कृत्रिम गर्भाधान और बेहतर नस्लों के संवर्धन के माध्यम से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से दुग्ध संग्रहण को व्यवस्थित करने से मुरैना जिले में पशुपालकों की आय बढ़ाने की अच्छी संभावनाएं हैं।

 

किसानों के नवाचार और खाद्य प्रसंस्करण की सराहना

मुख्यमंत्री ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित यशस्वी संवाद के दौरान प्रगतिशील किसानों, कृषि आधारित उद्यमियों और विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों से संवाद किया। उन्होंने किसानों एवं उद्यमियों के कार्यों की जानकारी लेते हुए कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण, विपणन और मूल्य संवर्धन की संभावनाओं पर चर्चा की।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना से लाभान्वित एक उद्यमी से मुख्यमंत्री ने शहद उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और निर्यात संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने प्राकृतिक खेती और जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि किसानों को पारंपरिक कृषि के साथ कृषि आधारित उद्योगों से भी जोड़ा जाना चाहिए। इससे उनकी आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से भी संवाद किया और उनके द्वारा तैयार किए जा रहे जैविक गुड़ सहित अन्य उत्पादों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूहों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों से जोड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने तथा उनकी आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया।

पर्यटन, वेलनेस और चिकित्सा सुविधाओं का होगा विस्तार

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना में प्राकृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म तथा वेलनेस सेंटर विकसित करने की भी व्यापक संभावनाएं हैं। आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पर आधारित वेलनेस केंद्र स्थापित होने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं मिल सकेंगी और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने निजी निवेश से स्थापित एसआर मेडिकल कॉलेज का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां सीट आवंटन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही चिकित्सा पर्यटन की संभावनाओं को भी विकसित किया जा सकेगा।मुख्यमंत्री ने पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं को स्थानीय आर्थिक विकास से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि उपलब्ध संसाधनों और संभावनाओं का समुचित उपयोग कर जिले में विकास की नई गतिविधियां शुरू की जानी चाहिए।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को दो लाख, राष्ट्रीय-राज्य स्तर के खिलाड़ियों को एक लाख रुपये

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यशस्वी संवाद में जिले की खेल प्रतिभाओं से बातचीत कर उनकी उपलब्धियों और अनुभवों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी उपलब्धियों का सम्मान करना भी आवश्यक है।मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को दो-दो लाख रुपये तथा राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी।उन्होंने मुरैना जिले के पांच खिलाड़ियों भारत रावत, सौरभ रजक, रिंकी, नंदनी चौहान और अंकिता कुशवाह से संवाद किया तथा उन्हें पात्रता के अनुसार पुरस्कार राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में जिला विकास समिति, जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी को मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की प्रतिभाओं को समान अवसर मिल सकें।

विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री ने जिले की विकास संबंधी आवश्यकताओं, प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनसमस्याओं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और प्रगति के नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश सरकार भी किसानों की आय बढ़ाने, युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, उद्योगों को प्रोत्साहित करने तथा पर्यटन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रही है।उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसके लिए अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से जिले की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।

बैठक में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना, सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, सबलगढ़ विधायक सरला रावत, मुरैना विधायक दिनेश गुर्जर, जौरा विधायक पंकज उपाध्याय, अंबाह विधायक देवेंद्र सखवार, महापौर शारदा सोलंकी, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े, चंबल आयुक्त मनोज खत्री, आईजी सचिन अतुलकर, डीआईजी सुनील कुमार जैन, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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