मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की कई घोषणाएं, नए सांदीपनि विद्यालय खुलेंगे, आलू प्रसंस्करण से 35 जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ..
मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण, कृषि आधारित उद्योग, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं.. प्रदेश में मोरों के संरक्षण और पुनर्वास की नई परियोजना शुरू होगी, जबकि बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क और गीता भवन का निर्माण किया जाएगा.. उज्जैन और आगर में आलू प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से 35 जिलों के किसानों को बाजार उपलब्ध कराने की योजना है.. मुख्यमंत्री ने सिंहस्थ की तैयारियों, परिवहन सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों की जानकारी भी दी.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में मोरों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए नई परियोजना प्रारंभ की जाएगी.. इसके माध्यम से राष्ट्रीय पक्षी के संरक्षण और उसके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने की दिशा में कार्य किया जाएगा.. उन्होंने बड़नगर में कवि प्रदीप सम्मान समारोह आयोजित करने और गीता भवन के निर्माण की घोषणा भी की..मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़नगर में फूड प्रोसेसिंग पार्क विकसित किया जाएगा, जिससे कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.. उज्जैन और आगर में आलू प्रसंस्करण की नई इकाइयां प्रारंभ की जा रही हैं.. ये इकाइयां प्रदेश के 35 जिलों के किसानों से आलू खरीदेंगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी.
भाट पचलाना और इंगोरिया में खुलेंगे सांदीपनि विद्यालय
शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के तहत भाट पचलाना और इंगोरिया में नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे.. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है..मुख्यमंत्री ने बताया कि आगामी सिंहस्थ की तैयारियों के लिए लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य प्रगतिरत हैं.. इनमें अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं का विस्तार शामिल है.. उन्होंने मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच आवागमन को सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है..
सड़क दुर्घटना में मदद करने वालों को 25 हजार रुपये..
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले राहवीरों को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है.. आवश्यकता पड़ने पर एयर एम्बुलेंस और हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है..उन्होंने दुग्ध सहकारी समितियों के जरिए दूध उत्पादन बढ़ाने, प्रदेश में चीतों के पुनर्स्थापन और वन्यजीव संरक्षण की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया.. नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मध्यप्रदेश से नक्सलवाद समाप्त हो गया है और प्रदेश ने ‘लाल सलाम को आखिरी सलाम’ कर दिया है..मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास को गति दी जा रही है.



