Bandhavgarh National Park: मध्यप्रदेश में उमरिया जिले के विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में एक बाघिन शावक की संदिग्ध मौत की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि दो घंटे तक इलाज के बाद बाघिन की मौत हुई है.
उमरिया जिले का बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व फिर एक बार सुर्खियों में आया. यहां एक बाघिन की फिर मौत हो गई. मानपुर रेंजर मुकेश अहिरवार ने बताया कि हमको सूचना मिली कि एक बाघ देवरी बीट अंतर्गत ग्राम मढ़ऊ के पास बैठा है. इस सूचना पर हम अपने अमले के साथ तत्काल वहां पहुंच कर देखे तो वहां एक बाघिन घायल अवस्था मे बैठी थी, जो सामान्य तरीके से व्यवहार नहीं कर रही थी.
इसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई और उनकी मौजूदगी में बाघिन का रेस्क्यू किया गया. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ के द्वारा तत्काल उसका इलाज किया गया, लेकिन दो घंटे के बाद उसकी मौत हो गई. बाघिन की मौत का प्राथमिक कारण उसकी पीठ में लगा हुआ चोट बताया गया है. अधिक जानकारी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पता चलेगी. वहीं, एनटीसीए की गाइड लाइन के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है.
अब सवाल यह उठता है कि पार्क बंद होने के बाद बफर जोन पर्यटकों के लिए खुला हुआ है और लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है. फिर भी बाघिन कैसे घायल हो गई और कितने दिन से घायल रही किसी को नहीं पता चल सका. अंतिम समय में जब गांव के पास आकर बैठ गई, तब इलाज की औपचारिकता करवाई गई और दो घंटे में ही उसकी मौत हो गई, जो साफ दर्शाता है कि सारी पेट्रोलिंग कागजों में होती है और डीजल पेट्रोल का फर्जी बिल बना कर घोटाला किया जा रहा है. ऐसे में उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.





