अल्पवर्षा से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे :मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अल्पवर्षा के कारण प्रदेश में खरीफ फसलों के बचाने, बिजली की बढ़ती मांग, ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने और पेयजल की व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से जारी रखने की संभावित चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए राज्य सरकार पूरी ताकत से काम करेगी। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी तरह किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि वे भगवान महाकाल से प्रार्थना करने कल उज्जैन जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज निवास कार्यालय स्थित समत्व भवन में अल्पवर्षा की स्थिति से निपटने के लिए आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगस्त माह में वर्षा बहुत कम हुई है। अल्पवर्षा के कारण फसलें प्रभावित हो रही हैं। खरीफ की फसलें संकट में हैं। इस संकट की स्थिति से निपटने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। बिजली की डिमांड भी बढ़ गई है। इसके लिए बेहतर व्यवस्था भी करेंगे । डेम से पानी छोड़कर फसलों को बचाया जाएगा । मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाता रहेगा। पेयजल और निस्तार के पानी की व्यवस्था करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल उपयोगिता समिति की बैठक जल्द कर लें। जहां पानी उपलब्ध है वहां डेम से पानी छोड़ने की व्यवस्था करें। डेमों का परीक्षण कर लें। डेमों में अभी कितना पानी उपलब्ध है, इसकी जानकारी भी लें। जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाएं। किसानों को सिंचाई के संबंध में एडवाइजरी जारी करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बिजली की बेहतर व्यवस्था करें।

  • Related Posts

    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान बना मिसाल, बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान बना मिसाल, बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज  बड़वानी -बावनगजा में आयोजित समारोह में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स टीम…

    ‘जन विश्वास अभियान’ शुरू: गांव-तहसील पहुंचेंगे अधिकारी, मौके पर होगा समस्याओं का समाधान

    भोपाल  सुशासन के लिए किए जा रहे काम और जनहित में लागू की गई योजनाओं की समीक्षा अब मंत्रालय के बंद कमरों से बैठकर नहीं बल्कि मैदान में जन विश्वास…