स्कूल शिक्षा में संस्कृत और संस्कृति का उदय

भोपाल
प्रदेश में स्कूल शिक्षा में नई शिक्षा नीति वर्ष 2020 में संस्कृत के व्यापक प्रसार की अनुशंसा की गई है। इसके अनुरूप मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड एवं महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान ने 53 चयनित एजुकेशन फॉर ऑल (ईएफए) विद्यालय में कक्षा एक के पूर्व एलकेजी एवं यूकेजी के स्थान पर अरूण एवं उदय कक्षाएं प्रारंभ की हैं। इन कक्षाओं का माध्यम संस्कृत किया गया है।

संस्कृत भाषा एक बीज भाषा है, जो सभी भाषाओं की जननी है। जो विद्यार्थी प्रारंभ से संस्कृत बोलते हैं, वह बाद के वर्षों में विश्व की किसी भी भाषा को बोलने की क्षमता रखते हैं। बच्चों के मस्तिष्क के उचित विकास और शारीरिक वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिये उसके आरंभिक 6 वर्षों को महत्वपूर्ण माना गया है। 

  • Related Posts

    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान बना मिसाल, बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान बना मिसाल, बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज  बड़वानी -बावनगजा में आयोजित समारोह में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स टीम…

    ‘जन विश्वास अभियान’ शुरू: गांव-तहसील पहुंचेंगे अधिकारी, मौके पर होगा समस्याओं का समाधान

    भोपाल  सुशासन के लिए किए जा रहे काम और जनहित में लागू की गई योजनाओं की समीक्षा अब मंत्रालय के बंद कमरों से बैठकर नहीं बल्कि मैदान में जन विश्वास…