एमपी विधानसभा के बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र की तारीखों का हुआ ऐलान, मानसून सत्र 28 जुलाई से 8 अगस्त तक चलेगा

भोपाल  
एमपी विधानसभा के बहुप्रतीक्षित मानसून सत्र की तारीखों का ऐलान हो गया है। विधानसभा का यह अहम सत्र 28 जुलाई से शुरु होगा और 8 अगस्त तक चलेगा। इस प्रकार विधानसभा का मानसून सत्र 12 दिनों का होगा लेकिन सदन की कार्यवाही 10 दिनों तक ही चल सकेगी। सत्र में बीच के 2 दिन शनिवार और रविवार के अवकाश में निकल जाएंगे। मानसून सत्र के रूप में विपक्षी कांग्रेस को राज्य की बीजेपी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने का अच्छा मौका मिल गया है।
 
एमपी के 26 जिलों में भारी बारिश का अनुमान, भोपाल में बढ़ा मानसून का इंतजार
प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू होकर 8 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान जहां सरकारी कार्य होंगे वहीं सदन में सरकार से प्रश्नोत्तर भी किए जा सकेंगे। सदन में विधायक अपने सवाल पूछ सकेंगे। सत्र के दौरान 2 और 3 अगस्त को शनिवार व रविवार का अवकाश रहेगा।
 
विधानसभा के मानसून सत्र के संबंध में चर्चा के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तीन दिन पहले ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के निवास पर पहुंचे थे। उन्होंने सत्र के संबंध में अहम बातचीत की जिसके बाद राज्यपाल से मंजूरी लेकर मानसून के लिए विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दी।

सत्र के 12 दिनों में सदन की 10 बैठकें
मानसून सत्र के 12 दिनों में सदन की 10 बैठकें होंगी। विधायक ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रश्न पूछ सकेंगे। विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित प्रश्नोें के लिए अलग-अलग तारीख निर्धारित की गई हैं। विधायक अपने विधानसभा प्रश्न 11 जुलाई तक लगा सकेंगे। सत्र में सरकार सदन की मंजूरी के लिए अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी।

  • Related Posts

    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान बना मिसाल, बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज

    नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान बना मिसाल, बड़वानी पुलिस का नाम वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज  बड़वानी -बावनगजा में आयोजित समारोह में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स टीम…

    ‘जन विश्वास अभियान’ शुरू: गांव-तहसील पहुंचेंगे अधिकारी, मौके पर होगा समस्याओं का समाधान

    भोपाल  सुशासन के लिए किए जा रहे काम और जनहित में लागू की गई योजनाओं की समीक्षा अब मंत्रालय के बंद कमरों से बैठकर नहीं बल्कि मैदान में जन विश्वास…