क्रेडाई और शहरी विकास विभाग की साझा रणनीति से साकार होंगे स्मार्ट, ग्रीन और समावेशी शहर

विवेक झा, भोपाल, 5 जुलाई 2025
मध्यप्रदेश की शहरी विकास योजनाओं को राष्ट्रीय पटल पर प्रस्तुत करने और निवेश की नई राहें खोलने के उद्देश्य से आगामी ‘ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 – बिल्डिंग सिटीज़ ऑफ़ टुमॉरो’ की तैयारियों को लेकर आज राजधानी भोपाल में एक अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मध्यप्रदेश शासन के शहरी विकास एवं आवास विभाग और क्रेडाई (कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भाग लिया। आयोजन का नेतृत्व क्रेडाई भोपाल ने किया।

बैठक का मुख्य फोकस रहा 11 जुलाई को इंदौर में आयोजित होने वाले ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 की पूर्व रणनीति, क्रियान्वयन योजना और नीति-निर्धारण में निजी भागीदारी के मॉडल पर ठोस चर्चा करना।

यह संवाद ऐसे समय में हो रहा है जब हाल ही में ‘कमाल का भोपाल’ अभियान के तहत भोजताल संरक्षण, वृक्षारोपण, और रियल एस्टेट सुधारों पर सरकार और क्रेडाई के बीच साझा कार्ययोजना पर भी सकारात्मक संवाद हुआ था। राजधानी की पर्यावरणीय विरासत से लेकर नगरीय नियोजन तक, क्रेडाई की भूमिका लगातार मजबूत हुई है।


उच्चस्तरीय भागीदारी और विषयगत विमर्श

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय शुक्लानगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवेअतिरिक्त आयुक्त केएल मीनाटाउन प्लानिंग निदेशक श्रीकांत भानोतहाउसिंग बोर्ड आयुक्तजीएम मेट्रो रेल, और वरिष्ठ नगर नियोजक समेत अनेक वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं क्रेडाई की ओर से प्रदेश के प्रमुख शहरों भोपाल, जबलपुर और उज्जैन से प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में हुई प्रमुख चर्चाएं:

  • अफोर्डेबल हाउसिंग में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु नीति-सुधार

  • ₹3,000 से ₹15,000 तक की ईएमआई वहन करने योग्य आवासीय योजनाओं के लिए नए मॉडल

  • स्वच्छता, आदर्श AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक), और ग्रीन व सोशल स्पेस के अनुकूल शहरी डिजाइन

  • री-डेवलपमेंट योजनाओं में डेवलपर्स की भूमिका और बाधाओं को दूर करने की आवश्यकता

  • ग्रोथ कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय स्तर के डेवलपर्स को आमंत्रित करने हेतु कार्यनीति


क्रेडाई का दृष्टिकोण: टेक्नोलॉजी और समावेशिता की ओर बढ़ता शहरी भविष्य

क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष मनोज मीक ने बैठक के बाद कहा:

“भोपाल समेत मध्यप्रदेश के सभी प्रमुख शहर अब पारंपरिक रियल एस्टेट से आगे बढ़कर टेक्नोलॉजी-इनेबल्डक्लाइमेट-रेसिलिएंट, और सोशल-इंक्लूसिव अर्बन स्पेस की ओर अग्रसर हैं। ‘ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ इसी दिशा में राज्य की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
आज की बैठक अफोर्डेबल हाउसिंग, ग्रीन स्पेस, री-डेवलपमेंट और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे मुद्दों पर जो साझा दृष्टिकोण उभरा है, वह नीति निर्माण और धरातली क्रियान्वयन को नई ऊर्जा देगा।”

उन्होंने बैठक में भाग लेने वाले सभी विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संवाद एक समृद्ध, समावेशी और टिकाऊ नगरीय भविष्य की नींव है।


प्रतिनिधित्व और सांस्कृतिक समर्पण

बैठक में क्रेडाई के प्रमुख प्रतिनिधियों में शामिल थे:

  • भोपाल: मनोज मीक, सुनील गुप्ता, संजीव ठाकुर, प्रितपाल बिंद्रा, विपिन गोयल, अजय मोहगांवकर

  • जबलपुर: धीरज खरे, दीपक अग्रवाल

  • उज्जैन: महेश पर्यानी, अंशुल गिरिया

अधिकारियों ने क्रेडाई के सुझावों को गंभीरता से सुना और आवश्यक समाधान की दिशा में आश्वासन दिया। बैठक के अंत में क्रेडाई द्वारा शहरी विकास पर केंद्रित पुस्तकों के माध्यम से सांस्कृतिक सत्कार किया गया, जिसकी सभी ने सराहना की।


पूर्व संवादों से आगे बढ़ता विचार

यह बैठक क्रेडाई और शासन के बीच जारी सतत संवाद की श्रृंखला का हिस्सा थी। इससे पहले भोजताल संरक्षण कार्यक्रमराजा भोज की शिल्प प्रतिमा भेंट, और नगरीय सुधारों पर सौंपे गए तीन ज्ञापन जैसे महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम इस साझा दृष्टिकोण की पुष्टि कर चुके हैं। अब ‘ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025’ इस साझेदारी को नई ऊंचाई देने जा रहा है।


ग्रोथ कॉन्क्लेव 2025 केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के शहरी विकास मॉडल को देशभर में स्थापित करने का एक अवसर है। शासन और क्रेडाई का यह संयुक्त प्रयास एक ऐसे भविष्य की ओर बढ़ रहा है जहाँ स्मार्ट सिटी का मतलब सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि हर वर्ग के लिए बेहतर जीवन, बेहतर पर्यावरण और बेहतर अवसर होगा।

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