कठिन है निकाय चुनाव की डगर

महाराष्ट्र में इन दिनों मध्यप्रदेश जैसे हालात बने हैं…जिस तरीके से ज्योतिरादित्य सिंधिया के जाने से कमलनाथ सरकार गिरी थी..उसी तरह एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के साथ कर दिया…और कांग्रेस के समर्थन में बनी उद्धव सरकार के सामने संकट खड़ा हो गया…संकट तो मध्यप्रदेश कांग्रेस के सामने भी कम होने का नाम नहीं ले रहा…2023 के विधानसभा चुनाव में जीत का सपना देख रही कांग्रेस निकाय चुनाव में बिखरती नजर आ रही है…जगह जगह कांग्रेस में बगावती सुर सुनाई दे रहे हैं…भोपाल से लेकर ग्वालियर तक कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने नेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं…हालांकि हालात बिगड़ते देख डैमेज कंट्रोल की जिम्मेदारी कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह को सौंप दी…क्योंकि कमलनाथ खुद महाराष्ट्र के डैमेज कंट्रोल करने की कोशिश में जुटे हैं…निकय चुनाव को लेकर कलह बीजेपी में भी है…लेकिन बीजेपी अनुशासन के साथ स्थिति को कंट्रोल करने की कोशिश में जुटा है…

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ को महाराष्ट्र में मचे घमासान को रोकने की जिम्मेदारी मिली है…कांग्रेस ने उन्हे पर्यवेक्षक बनाकर मुंबई भेजा है…लेकिन उनके अपने प्रदेश में पार्टी के अंदर मचा घमासान मचा हुआ है…जिसे रोकने में कांग्रेस नेताओं के पसीने छूट रहे हैं…टिकट वितरण के बाद ग्वालियर चंबल में कांग्रेस में इस्तीफों की झड़ी लग गई है….कांग्रेस में टिकट वितरण के बाद विरोध प्रदर्शन सिर्फ ग्वालियर में नहीं नजर आ रहा…ऐसा ही नजारा राजधानी भोपाल में भी देखने को मिल रहा है…भोपाल में पीसीसी कार्यालय के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्षद प्रत्याशियों को लेकर प्रदर्शन किया…इस दौरान कार्यकर्ताओं ने अपने ही नेताओं और कांग्रेस महापौर उम्मीदवार विभा पटेल के खिलाफ नारेबाजी की….हालांकि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कांग्रेस के अंदरूनी मामला है और कांग्रेस नेता नाराज नेताओं को मनाने में सफल हो जाएगें….
– हालांकि बगावत तो बीजेपी में भी देखने को मिल रही है…लेकिन बीजेपी में नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने का प्रयास शुरू हो चुका है…बीजेपी नेता जहां नेताओं से साथ रहने की अपील कर रहे हैं…तो दूसरी तरफ पार्टी से विरोध करने पर कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दे रहे हैं…बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत अन्य नेताओं को उम्मीद है कि पार्टी के कार्यकर्ता और नेता फिर एक साथ होकर कांग्रेस के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे…उधर बीजेपी नेता कांग्रेस में मचे घमासान पर चुटकी भी लेते नजर आ रहे हैं…।
जाहिर है कि बगावत सिर्फ कांग्रेस में नहीं बल्कि बीजेपी में भी है…लेकिन कांग्रेस के सामने मुश्किल इस बात की है कि उसके नेता कमलनाथ सूबे में नहीं हैं…जबकि पूरी बीजेपी अपने नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश में जुटी है…बगावत के बीच सवाल यह कि कांग्रेस नेता प्रदेश में हो रहे निकाय चुनाव को लेकर कितने गंभीर हैं…और नाराज नेताओं को मनाने के लिए कांग्रेस क्या कदम उठा रही है…

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