इंदौर के भागीरथपुरा में 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला की इलाज के दौरान मौत, मरने वालों का आंकड़ा 15

इंदौर

 इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की वजह से शुक्रवार को एक और बुजुर्ग महिला की मौत की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही दूषित पानी से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 15 पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग महिला का अरविंदो अस्पताल में इलाज चल रहा था।

गुरुवार को कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता मरीजों से मिलेंगे और उन्हें नारियल व अन्य जरूरत का सामान भी देंगे, लेकिन दूसरी ओर उन्हीं के समर्थक भागीरथपुरा में रहवासियों को समस्या बताने से भी रोक रहे हैं।

मीडिया से बात करने पर उन्हें धमका रहे हैं कि समस्या का निराकरण हमसे चाहते हो या नहीं। गुरुवार को आकाश विजयवर्गीय पार्षद कमल वाघेला के कार्यालय पर पहुंचे। इस दौरान 25 दिसंबर को दूषित पानी के कारण मौत का शिकार हुए संतोष बिगोलिया के स्वजन उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे।

उन्होंने नईदुनिया अखबार की प्रति दिखाते हुए कहा कि हमारे परिवार के सदस्य की मौत दूषित पानी के कारण हुई है, लेकिन कोई मान नहीं रही है। इस पर उन्होंने प्रशासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता की मांग की। इसके बाद जब मीडिया मृतक के बेटे शुभम और बहू से चर्चा कर रही थी।
‘आपकी समस्या का निराकरण हमसे चाहते हैं या मीडिया से’

तभी भाजपा कार्यकर्ता चंदन सिंह बैस वहां आया और परिवार को कहने लगा कि आपकी समस्या का निराकरण हमसे चाहते हो या फिर मीडिया से। इसके अलावा कई ओर परिवार भी है, जिन्हें इसी प्रकार कहा जा रहा है। इससे साफ लगता है कि मामले को दबाने के लिए लोगों को बात करने से रोका जा रहा है। यह मामला चर्चाओं में बना हुआ है।
छह माह के अव्यान के माता-पिता ने आर्थिक मदद लेने से इंकार किया

भागीरथपुरा में गुरुवार को मंत्री विजयवर्गीय जब मृतकों के स्वजन से मिलने पहुंचे तो उन्हें रहवासियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। मंत्री के अलावा उनके समर्थक जब आठ मृतकों के स्वजन को आर्थिक मदद के चेक देने पहुंचे तो छह माह के अव्यान के माता-पिता ने मदद लेने से इंकार कर दिया। अव्यान के गमगीन माता-पिता बोले कि हमारा बच्चा दस साल की मन्नत के बाद जन्मा था।

अब हमें कोई आर्थिक मदद नहीं चाहिए। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री मृतिका उर्मिला यादव के घर पहुंचे तो उन्होंने सहायता राशि लेने से मना कर दिया और कहा कि नहीं चाहिए हमें कोई राशि। बाद में समझाइश के बाद उन्होंने ले ली। स्वजन ने बताया कि मृतिका के बेटे और बहू दोनों अभी अस्पताल में भर्ती है। वहीं, निधि यादव गोद में बच्चा लेकर पहुंची।

उसने कहा कि मेरी 70 साल की सास सात दिन से अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी किडनी फेल हो गई है। उनको कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा? अस्पताल वाले स्लिप देकर पैसे मांग रहे हैं। हमारे पेट में दर्द है, फिर भी बच्चे लेकर दौड़ रहे हैं। मंत्री से मिलने गए तो उनके लोगों ने मिलने भी नहीं दिया। महिला को मंत्री से मिलने नहीं दिया।

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