आखिर गीता को मिल गया उसका परिवार

15 साल बाद मिली सफलता

रेलवे पुलिस की पहल रंग लाई

रेलवे पुलिस का अपने कर्तव्यों से इतर एक सामाजिक जिम्मेदारी वाली संवेदनशील कदम सामने आया है। रेलवे पुलिस ने 15 साल पहले धोखे से पाकिस्तान पहुंची मूक बधिर बच्ची को उनके परिजनों से मिलवाया है।
जानकारी के अनुसार 8 साल की उम्र में गीता गलती से पाकिस्तान पहुंची गई थी। तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गीता को वापस भारत लाई थी। इंदौर में एक मूक बधिर संस्थान में कुछ समय तक रही। मध्यप्रदेश रेलवे पुलिस ने गीता के संकेतों के आधार पर उनके परिजनों को ढूंढा। रेलवे की पहल से परिवार को गीता मिली। उनका परिवार रेलवे पुलिस का धन्यवाद करने भोपाल पहुंचा था। गीता ने मां को गले लगाया और सभी का धन्यवाद दिया।
गीता के इंटरप्रेटर ने मीडिया के सामने उनकी बातें रखी। वे मूकबधिर बच्चों की टीचर बनना चाहती है। गीता के कहने पर पाकिस्तान में पूजा करने के लिए मंदिर बनवाया था। गीता ने मध्यप्रदेश रेलवे के आईजी और अधिकारियों को सैल्यूट करते हुए धन्यवाद पत्र दिया। वे महाराष्ट्र के परभड़ी की रहने वाली है। महाराष्ट्र में सर्चखंड एक्सप्रेस से गीता अमृतसर पहुंची फिर वहां से समझौता एक्सप्रेस से पाकिस्तान पहुंची थी। 15 साल बाद विदेश की धरती पाकिस्तान से लौटी मूक बधिर बालिका गीता की परिजनों ने भोपाल रेल पुलिस को धन्यवाद दिया है। गीता के परिवार को रेलवे पुलिस ने ढूंढा और इसे लेकर आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

  • Related Posts

    जीतू पटवारी का बड़ा आरोप, मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के बीच अंदरूनी खींचतान का दावा

    पीसीसी चीफ बोले—दोनों नेता एक-दूसरे को पद से हटाने की तैयारी में जुटे इंदौर। मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस…

    पीथमपुर में कालका मंदिर से सेक्टर-2 जाने वाला मार्ग बना हादसों का स्पॉट, झाड़ियों और गड्ढों से बढ़ा खतरा

    चार ब्लाइंड स्पॉट बनने का दावा, दुर्घटनाओं के साथ चोरी और छीना-झपटी की आशंका पीथमपुर। औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर में राऊ बायपास से कालका मंदिर होते हुए सेक्टर-2 की ओर जाने…