ग्वालियर जिले के डबरा शहर में व्यापारियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई पुलिस चौकी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि चौकी पर नियमित रूप से पुलिस अधिकारी या जवान तैनात नजर नहीं आते। ऐसे में व्यापारियों की सुरक्षा के उद्देश्य से बनाई गई यह चौकी अब केवल नाम की रह गई है।
लूटपाट की घटनाओं के बाद बनाई गई थी चौकी
बताया जाता है कि डबरा शहर में जब लूटपाट की घटनाएं बढ़ रही थीं, तब व्यापारियों की मांग और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस चौकी का निर्माण कराया गया था। इसका उद्देश्य व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाना और अपराधियों पर अंकुश लगाना था। लेकिन वर्तमान स्थिति को लेकर स्थानीय व्यापारी असंतोष जता रहे हैं।
दिनदहाड़े फायरिंग की घटनाओं से व्यापारियों में चिंता
स्थानीय स्तर पर शहर में दिनदहाड़े फायरिंग और अवैध हथियारों के प्रदर्शन की घटनाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी जरूरी है, ताकि बाजारों में सुरक्षा का माहौल बना रहे।
पुलिस चौकी पर नियमित तैनाती को लेकर सवाल
व्यापारियों ने सवाल उठाया है कि जब शहर में खुलेआम फायरिंग जैसी घटनाओं की चर्चा है, तो सुरक्षा के लिए बनाई गई चौकी को नियमित रूप से संचालित क्यों नहीं किया जा रहा। हालांकि, चौकी पर पुलिसकर्मियों की तैनाती और उसकी वर्तमान कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
चौकी को 24 घंटे सक्रिय करने की मांग
स्थानीय व्यापारियों ने मांग की है कि पुलिस चौकी को दोबारा सक्रिय किया जाए और वहां चौबीसों घंटे पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि इससे अपराधों पर नियंत्रण रखने में मदद मिल सकती है और व्यापारियों सहित आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।




