मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शस्त्र-पूजन भारतीय सेना के पराक्रम, सुरक्षा और स्वतंत्रता के प्रति सम्मान का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में शक्ति के नए प्रतिमान गढ़े जा रहे हैं। विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित होने वाले शस्त्र-पूजन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्र की सुरक्षा, सैन्य सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता के प्रति सम्मान प्रकट करना तथा नागरिकों में राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करना है।
शस्त्र-पूजन: शक्ति के सदुपयोग और कर्तव्यनिष्ठा का सनातन प्रतीक
सनातन संस्कृति में विजयादशमी का पर्व सत्य की असत्य पर विजय और शक्ति के अन्याय के विरुद्ध खड़े होने के संकल्प का प्रतीक माना गया है। भारतीय परंपरा में शस्त्र-पूजन का महत्व केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामरिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
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भगवान श्रीराम द्वारा रावण पर विजय से पूर्व मां शक्ति की उपासना और अस्त्र-शस्त्रों का पूजन।
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महाभारत काल में पांडवों द्वारा अज्ञातवास के बाद विजयादशमी पर अपने अस्त्र-शस्त्र पुनः प्राप्त कर उनका पूजन करना।
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छत्रपति शिवाजी महाराज सहित देश के महान योद्धाओं द्वारा इस दिन शस्त्र-पूजन कर विजय-प्रस्थान की ऐतिहासिक परंपरा।
शास्त्र और शस्त्र दोनों का समन्वय ही समाज और राष्ट्र की रक्षा का मार्ग प्रशस्त करता है।
भारतीय सेना का शौर्य और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता
यह परंपरा सीधे तौर पर भारतीय सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, अनुशासन और राष्ट्ररक्षा के संकल्प से जुड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण की ओर तेजी से अग्रसर है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी कार्रवाई ने भारतीय सशस्त्र बलों के सैन्य कौशल और राष्ट्र सुरक्षा के प्रति अटूट संकल्प को पूरी दुनिया के सामने प्रदर्शित किया है।
जिलों में आयोजित होंगे भव्य कार्यक्रम, प्रमुख मंत्री संभालेंगे कमान
राज्य शासन के निर्णय के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जिलों में विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें मंत्रीगण और प्रमुख अतिथि शिरकत करेंगे:
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इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
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ग्वालियर: विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर
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मंदसौर: उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा
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रीवा: उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल
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जबलपुर: मंत्री राकेश सिंह
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भोपाल: मंत्री विश्वास कैलाश सारंग
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बैतूल: विधायक हेमंत खंडेलवाल
शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन जिलों में मंत्रीगण उपस्थित नहीं रहेंगे, वहां संबंधित जिलों के कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक शस्त्र-पूजन संपन्न कराएंगे। साथ ही, आम नागरिकों से भी अपने घरों में पारंपरिक रूप से शस्त्र-पूजन करने की अपील की गई है।




