मध्य प्रदेश के परिवहन चेकपॉइंट्स पर ट्रक चालकों और वाहन स्वामियों द्वारा लगातार फैलाए जा रहे उत्पात और कानून की अवहेलना का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। चेकिंग के दौरान वैध दस्तावेज या माल के कागज मांगे जाने पर ड्राइवरों द्वारा जानबूझकर हंगामा करना और हाइवे पर जाम लगाकर आम जनता को परेशान करना आम बात हो गई है। इसका ताज़ा और भयावह उदाहरण मध्य प्रदेश-राजस्थान सीमा पर स्थित नीमच के नयागांव बॉर्डर पर देखने को मिला है।
पुराना चालान मांगने पर भड़का चालक, महिला ने की हाथापाई
नयागांव चेकपॉइंट से गुजर रहे एक ट्रक (क्रमांक RJ48GA 4785) को जब परिवहन आरक्षक ने रोककर जांच की, तो सिस्टम में उस वाहन पर 27,500 रुपये के 6 पुराने लंबित चालान बकाया पाए गए। आरक्षक द्वारा जब यह राशि जमा करने को कहा गया, तो ट्रक के भीतर पहले से मौजूद एक महिला ने परिवहन स्टाफ के साथ सरेआम हाथापाई शुरू कर दी। इसी दौरान उग्र हुए ड्राइवर ने चेकिंग कर रहे कर्मचारियों से POS मशीन छीनकर जमीन पर पटक दी, जिससे वह पूरी तरह टूट गई।
गुमटी में लगाई आग, चेकपॉइंट्स पर यूनियनों का संरक्षण
विवाद बढ़ने और मौके पर अन्य स्टाफ के पहुंचने पर स्थिति और भी बेकाबू हो गई। उस महिला ने आक्रोशित होकर परिवहन चेकपोस्ट के पास बनी एक गुमटी में आग लगा दी, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इस तरह की यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी पूरे प्रदेश के विभिन्न चेकपॉइंट्स पर चेकिंग कर रहे अमले के साथ बदसलूकी और चक्काजाम की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जानकारों का मानना है कि इन बेलगाम ट्रक चालकों को विभिन्न ट्रांसपोर्ट यूनियनों और संगठनों का आंतरिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके दम पर वे बिना बकाया चालान चुकाए अवैध रूप से चेकपॉइंट पार करने के लिए आए दिन इस तरह का उपद्रव और मारपीट करते नजर आते हैं।





