मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री और निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा का एक कड़ा और सख्त तेवर सामने आया है। निवाड़ी जिले के ग्राम रामनगर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास शिविर’ के दौरान प्रभारी मंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी है। शिविर में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यदि आम जनता और गरीबों को परेशान किया गया, तो वे नौकरी करने लायक नहीं रहेंगे।
सीमांकन के मामले पर एसडीओपी/एसडीएम को मंच से लगाई फटकार
शिविर के दौरान जमीन के सीमांकन से जुड़ी एक शिकायत लेकर एक बुजुर्ग न्याय की उम्मीद में प्रभारी मंत्री के पास पहुंचा था। बुजुर्ग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने मंच से ही निवाड़ी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (SDM) अशोक सेन को इस मामले का एक दिन के भीतर निराकरण करने के सख्त निर्देश दिए।
हालांकि, एसडीएम मामला कोर्ट में लंबित होने की बात कहने लगे, लेकिन जब मंत्री ने यह पूछा कि मामला किस न्यायालय में चल रहा है, तो अधिकारी इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। अधिकारियों की इस लाचारी और टालमटोल रवैये पर मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा।
कलेक्टर से लेकर पटवारियों तक को कड़ी हिदायत
प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर से लेकर तहसीलदारों और पटवारियों तक सभी प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए कि जनता बहुत उम्मीद और विश्वास के साथ ऐसे शिविरों में अपनी समस्याएं लेकर आती है। जनता को निराश लौटाना या दफ्तरों के चक्कर कटवाना बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि आम नागरिकों को परेशान करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और मौके पर ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।




