By: Ravindra Singh
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व से वन्यजीव संरक्षण को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। रिजर्व के बलारपुर क्षेत्र में एक बाघिन ने दो नए शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार शाम सोशल मीडिया पर नन्हे शावकों की तस्वीरें साझा कर खुशी जाहिर की। इसके बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने भी उनके जन्म की पुष्टि की।
नए शावकों के जन्म के साथ ही माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इसे क्षेत्र में बाघों के संरक्षण के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सिंधिया ने शावकों के जन्म को बताया सुखद उपलब्धि
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर शावकों की तस्वीरें साझा करते हुए उनके जन्म पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक उपलब्धि बताया। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया।
सिंधिया ने इस उपलब्धि के लिए वन विभाग के कर्मचारियों और संरक्षण कार्यों से जुड़े लोगों को बधाई दी। शावकों के जन्म की खबर सामने आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों में भी उत्साह देखा जा रहा है।
माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 11 हुई
जानकारी के अनुसार, माधव टाइगर रिजर्व में शुरुआत में पांच बाघ-बाघिन लाए गए थे। इसके बाद यहां बाघों के प्रजनन का सिलसिला शुरू हुआ। पहले चार शावकों का जन्म हुआ था और अब दो नए शावकों के आने से यहां जन्मे शावकों की संख्या छह हो गई है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रिजर्व में पांच वयस्क बाघ और छह शावक मिलाकर कुल 11 बाघ हैं। हालांकि, एक बाघिन के दो साल से अधिक समय से लापता होने की बात भी सामने आई है, जिसकी तलाश वन विभाग कर रहा है। वहीं, जुलाई में भोपाल के वन विहार भेजी गई एक मादा बाघिन को शामिल करने पर संख्या का आंकड़ा अलग हो सकता है।
बाघों के लिए अनुकूल वातावरण, ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
माधव टाइगर रिजर्व में लगातार शावकों का जन्म जंगल के वातावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या से क्षेत्र में संरक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने के साथ वन्यजीव पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
माधव टाइगर रिजर्व शिवपुरी शहर के नजदीक स्थित है। बांकड़े रोड और आसपास के वन क्षेत्रों में भी बाघों की मौजूदगी देखे जाने की जानकारी सामने आती रही है। ऐसे में वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।
पार्क प्रबंधन ने ग्रामीणों से जंगल के अंदर जाने से बचने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। वन विभाग का जोर बाघों के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी है।



