By: Ravindra Singh
मध्य प्रदेश के मुरैना शहर में अवैध मादक पदार्थों और नशीली दवाओं के खिलाफ कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर विभिन्न कंपनियों के 2,856 नशे के इंजेक्शन जब्त किए हैं। बाजार में इन प्रतिबंधित दवाओं की कीमत लगभग 4.50 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों—मयंक गुप्ता, अनिल उर्फ बॉबी गुप्ता और ईशान वर्मा को गिरफ्तार किया है।
किराए के मकान में चल रहा था अवैध गोदाम, युवाओं को बनाते थे निशाना
जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में एक मकान किराए पर ले रखा था, जिसे उन्होंने प्रतिबंधित इंजेक्शनों का गोदाम बना रखा था। ये आरोपी उत्तर प्रदेश के आगरा से थोक में नशीली दवाएं खरीदकर लाते थे और मुरैना में उनकी अवैध सप्लाई करते थे। आरोपी मेडिकल स्टोर्स के साथ-साथ सीधे स्थानीय युवाओं को 100 रुपये का इंजेक्शन 200 से 300 रुपये तक की ऊंचे दामों पर बेचकर अवैध मुनाफा कमा रहे थे।
मुखबिर बना ग्राहक: पुलिस ने रंगे हाथों दबोचा
कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इस गिरोह को पकड़ने के लिए एक सटीक योजना बनाई। कई दिनों से मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने अपने एक मुखबिर को फर्जी ग्राहक बनाकर आरोपियों के पास भेजा। जैसे ही आरोपियों ने मुखबिर को ‘Termine’ नामक इंजेक्शन सौंपा, आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पांच कंपनियों के इंजेक्शन जब्त, ड्रग्स एक्ट में मामला दर्ज
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मेफेंटरमाइन (Mephetermine) और टर्माइन सहित पांच अलग-अलग कंपनियों के 2,856 इंजेक्शन बरामद किए हैं। टीआई अमित भदौरिया ने बताया कि बिना लाइसेंस के बेचे जा रहे इन इंजेक्शनों का उपयोग कुछ युवक नशे और वर्कआउट क्षमता बढ़ाने के लिए गलत तरीके से कर रहे थे। तीनों आरोपियों के खिलाफ ‘ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट’ के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है, वहीं पुलिस अब इस नेटवर्क की सप्लाई चेन से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।




