भारत ने अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने गुरुवार, 5 नवंबर को स्वदेशी क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल ‘प्रलय’ का सफल उड़ान परीक्षण किया। ओडिशा के तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से सुबह करीब 11:10 बजे इसका परीक्षण किया गया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, परीक्षण के दौरान निर्धारित सभी मानकों और लक्ष्यों को सफलतापूर्वक हासिल किया गया।
परीक्षण में सभी निर्धारित लक्ष्य हासिल
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज के विभिन्न उपकरणों से मिले आंकड़ों के आधार पर मिसाइल के सफल परीक्षण की पुष्टि हुई है। ‘प्रलय’ को DRDO और हैदराबाद स्थित रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है। इसके निर्माण में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की भी अहम भूमिका रही है। यह परीक्षण यूजर इवैल्यूएशन ट्रायल के तहत किया गया, जिसमें DRDO के वरिष्ठ अधिकारियों, रक्षा बलों के प्रतिनिधियों और उद्योग जगत के सदस्य मौजूद रहे।
150 से 500 किलोमीटर तक मारक क्षमता
‘प्रलय’ सॉलिड-प्रोपेलेंट से संचालित सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता 150 से 500 किलोमीटर तक बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह 1,000 किलोग्राम तक का पेलोड 350 किलोमीटर की दूरी तक ले जा सकती है। वहीं, 500 किलोग्राम के पेलोड के साथ इसकी रेंज लगभग 500 किलोमीटर तक हो सकती है। इसमें सटीक निशाना लगाने के लिए आधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन सिस्टम दिया गया है। अलग-अलग प्रकार के लक्ष्यों के लिए इसमें विभिन्न वॉरहेड ले जाने की क्षमता भी है। मोबाइल लॉन्चर से दागे जाने की सुविधा इसे अलग-अलग स्थानों से तैनात करने में मदद करती है।
रास्ता बदलने की क्षमता से बढ़ेगी चुनौती
प्रलय की सबसे अहम विशेषता इसकी क्वाजी-बैलिस्टिक उड़ान तकनीक है। सामान्य बैलिस्टिक मिसाइलें आमतौर पर एक निर्धारित प्रक्षेप पथ पर आगे बढ़ती हैं, जबकि क्वाजी-बैलिस्टिक मिसाइल उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदल सकती है। इस वजह से दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम के लिए इसकी दिशा और लक्ष्य का अनुमान लगाना तथा इसे बीच रास्ते में रोकना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO और रक्षा बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस यह मिसाइल भारतीय सेना की परिचालन क्षमता और तैयारियों को मजबूत करेगी।




