Indore News: अश्लील फिल्में दिखाता था पीड़िता का पिता, ऐसे पकड़ में आया

इंदौर। बाणगंगा थाना क्षेत्र के बरदरी में 20 वर्षीय छात्रा के साथ पिता के दुष्कर्म करने के मामले में पीड़िता ने कई बातों का खुलासा किया है। आरोपित पिता उसे अश्लील फिल्में दिखाकर ज्यादती करता था। गर्भपात कराने के लिए कई बार उसे गोलियां भी खिलाईं। खुद को बेकसूर साबित करने के लिए अस्पताल में आरोपित ने मेडिकल जांच भी नहीं करवाई। पुलिस ने रविवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया है। सोमवार को पीड़िता के कोर्ट में बयान होंगे।

फिजियोथैरेपी की पढ़ाई कर रही छात्रा ने भले की सहेलियों की मदद से पिता को दुष्कर्म के आरोप में जेल पहुंचा दिया है, लेकिन पिता ने उसे जो दर्द दिया वह अब भी उसके सीने में दफन है। आपबीती याद कर वह सहम उठती है। भले ही जख्म दूर करने के लिए सहेलियां उसके साथ रहती हैं, लेकिन अपने साथ हुई ज्यादती को याद कर रह-रहकर जोर-जोर से रोने लगती है। पिता को जेल पहुंचाने के बाद उसे मां की नाराजगी भी झेलना पड़ रही है।

मां सीधे तौर पर उस पर घर की आर्थिक स्थिति बिगाड़ने का आरोप लगा रही है। मां उसे बार-बार कह रही है कि पिता के जेल जाने से 15 हजार रुपए का नुकसान होगा। घर का खर्च कैसे चलेगा। मां के विरोध में होने से वह ज्यादा तनाव में है। ऐसे वक्त में जब मां को उसके सबसे करीब होना चाहिए, वह सबसे बड़ी दुश्मन बनकर खड़ी हो गई। जिस छोटी बहन की आबरू बचाने के लिए उसने पिता की करतूत को दुनिया के सामने लाकर रख दिया, वह अब भी हॉस्टल में है, घटना से महरूम है। छोटा भाई अभी इतना नादान है कि उसे बहन के साथ हुई दरिंदगी का अहसास नहीं हो पा रहा है।

नम आंखों से पीड़िता ने बताया कि पिता अकेला पाकर उसे मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाता था। मना करने पर मारपीट कर ज्यादती करता था। कई बार गर्भपात कराने के लिए जबरन गोलियां खिलाईं। बात नहीं मानने पर पढ़ाई छुड़वाने, मां-बहन और भाई की हत्या करने की धमकी देता था। जब उसे लगा कि उसके घर पर नहीं रहने पर छोटी बहन पिता का शिकार हो सकती है तब उसने हिम्मत जुटाई और सहेलियों को वाक्या बताया। उनकी मदद से पिता के खिलाफ सबूत जुटाए और ज्यादती होने पर पुलिस के पास पहुंच गई।

थानेदार ने बताया कि शनिवार शाम मेडिकल कराने के लिए आरोपित को अस्पताल भेजा था। लेकिन उसने जांच कराने से मना कर दिया। रविवार को उसे जेल भेज दिया गया। सोमवार को थाने पर पीड़िता की काउंसलिंग की जाएगी। इसके बाद कोर्ट में उसके बयान कराए जाएंगे। पुलिस के मुताबिक, छात्रा की पढ़ाई के लिए उसकी आर्थिक मदद एनजीओ के जरिए कराई जाएगी। पीड़िता की सहेलियों के भी बयान लिए जाएंगे। पुलिस प्रयास करेगी कि उसकी सहेलियों को गवाह बनाया जाए, जिससे आरोपित को सजा दिलाने में मदद मिल सके।

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