फर्जी एनकाउंटर केस: निरीक्षक मंगल सिंह पपोला सस्पेंड, CBI की ताबड़तोड़ छापेमारी

ग्वालियर
नीमच में 16 साल पहले हुए फर्जी एनकाउंटर मामले में फरार चल रहे ग्वालियर में पदस्थ निरीक्षक मंगल सिंह पपोला की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। उन्हें निलंबित कर दिया गया है, वहीं सीबीआई की टीम उनकी तलाश में ग्वालियर के ठिकानों पर दबिश दे रही है। सूत्रों के अनुसार, ग्वालियर पुलिस के कुछ अधिकारी पर्दे के पीछे से निरीक्षक मंगल सिंह पपोला की मदद कर रहे हैं। वर्ष 2009 में नीमच पुलिस ने बंशी गुर्जर का एनकाउंटर करने का दावा किया था, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि बंशी गुर्जर जीवित है। इसके बाद यह मामला फर्जी एनकाउंटर साबित हुआ।

घटना के समय जो पुलिसकर्मी और अधिकारी एनकाउंटर टीम में शामिल थे, उन पर सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी। इसी टीम में मंगल सिंह पपोला भी शामिल थे, जो उस समय प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ थे। जब सीबीआई ने इस मामले में गिरफ्तारी शुरू की तो मंगल सिंह फरार हो गए। वे जांच के दौरान सिक डालकर निकल गए थे। पंद्रह दिन बाद उन्हें मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया गया, लेकिन वे पेश नहीं हुए। पुलिस अधिकारियों ने भी इस लापरवाही को नजरअंदाज कर दिया। अब जब सीबीआई ने सख्ती बढ़ाई तो पपोला को निलंबित कर दिया गया। जानकारी है कि सीबीआई को ग्वालियर के एक वाहन शोरूम पर उनकी मौजूदगी का सुराग मिला था, जिसके बाद टीम लगातार सक्रिय बनी हुई है।

एनकाउंटर के बाद मिला था प्रमोशन
फर्जी एनकाउंटर टीम में शामिल मंगल सिंह पपोला उस समय प्रधान आरक्षक थे और तत्कालीन टीआई पीएस परमार व मुख्तार कुरैशी के साथ ऑपरेशन में शामिल थे। एनकाउंटर के बाद पपोला को प्रमोशन भी मिला था। 

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