मध्यप्रदेश महिला आयोग में 6 साल से अध्यक्ष नहीं, 26 हजार केस लटके

भोपाल 

मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग में करीब 26 हजार मामले पेंडिंग होने के बावजूद आयोग के अध्यक्ष का पद करीब 6 साल से खाली पड़ा है. राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि इस पद से संबंधित मामला अदालत में लंबित है और उन्होंने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही इस पद को भरने के लिए कदम उठाएंगी. 

मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर  सरकार ने हाल ही में विधानसभा के मानसून सत्र में कहा कि 1 जनवरी, 2024 से इस वर्ष 20 जून के बीच राज्य में बलात्कार के 10 हजार 840 मामले दर्ज किए गए, जबकि 21 हजार 175 महिलाएं एक महीने से अधिक समय तक लापता रहीं. 

आंकड़ों से पता चलता है कि राज्य में हर दिन बलात्कार के लगभग 20 और महिलाओं के लापता होने के 38 मामले दर्ज किए जा रहे हैं.

मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग सात सदस्यीय पैनल है, जिसमें छह सदस्य सरकार से बाहर के होते हैं और एक सरकार द्वारा नियुक्त होता है. इसके अध्यक्ष का पद जनवरी 2019 से रिक्त है.सागर की वर्तमान लोकसभा सदस्य लता वानखेड़े 1 जनवरी 2016 से 2019 तक इसकी अध्यक्ष थीं.  इसके बाद यह पद लगभग एक साल तक रिक्त रहा और 16 मार्च 2020 को कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार ने कांग्रेस नेता शोभा ओझा को पैनल का अध्यक्ष नियुक्त किया.

हालांकि, चार दिन बाद, 20 मार्च 2020 को कमलनाथ सरकार गिर गई. बाद में शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली BJP सरकार ने आयोग के अध्यक्ष के रूप में ओझा की नियुक्ति रद्द कर दी.

इसके बाद शोभा ने इस फैसले के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का रुख किया. हाई कोर्ट ने 22 मई 2020 को अपने आदेश में पद के मामले में यथास्थिति बनाए रखने को कहा.

ओझा ने बाद में जून 2022 में तत्कालीन भाजपा सरकार पर उन्हें काम नहीं करने देने और बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाते हुए पद से इस्तीफा दे दिया.

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा, “राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का पद निश्चित रूप से लंबे समय से खाली है और मैं इसे जल्द से जल्द भरने के लिए आवश्यक कदम उठाऊंगी.” 

उन्होंने यह भी कहा कि पद से संबंधित मामला अदालत में लंबित है, जो इस कदम में एक बाधा है. भूरिया ने स्वीकार किया कि पद खाली रहने के कारण कई शिकायतें लंबित हैं और फैसलों में देरी हो रही है.

ओझा ने राज्य की भाजपा सरकार पर महिलाओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया, “इतने लंबे समय से खाली पड़ा यह महत्वपूर्ण पद दर्शाता है कि यह सरकार महिलाओं के प्रति कितनी असंवेदनशील है.”

उन्होंने दावा किया, “महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में मध्य प्रदेश शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है. आज भी महिलाएं मेरे पास शिकायत लेकर आती हैं और मैं व्यक्तिगत रूप से उनकी हर संभव मदद करती हूं.”

  • Related Posts

    नवरात्र में लाड़ली बहनों को खुशियों की किश्त..14 अक्टूबर मुख्यमंत्री डालेंगे 1500

    नवरात्र में लाड़ली बहनों को खुशियों की किश्त..14 अक्टूबर मुख्यमंत्री डालेंगे 1500 —41वीं किश्त का होगा सिंगल क्लिक से अंतरण..महिला सशक्तिकरण,आर्थिक स्वावलंबन और सम्मान को मजबूती देने पर सरकार का…

    आदिवासियों के आशियानों पर सियासी रार..आमने-सामने..’शिवराज.’ और ‘सरकार’

    सवाल कब्जे का भी और कार्रवाई की प्रक्रिया का भी —शिवराज ने बताया अन्याय, सीएम मोहन ने जांच का भरोसा देकर कहा..दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा. मध्यप्रदेश…