आयुष विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलेगा प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड – 2025

आयुष विभाग को उत्कृष्ट कार्यों के लिए मिलेगा प्रतिष्ठित “स्कॉच अवॉर्ड – 2025”

भोपाल

आयुष विभाग को प्रतिष्ठित “स्कॉच अवार्ड-2025” सम्मान आयुष ई-मॉनिटरिंग सिस्टम’ परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रदान किया गया है। यह अवार्ड तीन चरणों की विस्तृत प्रस्तुतियाँ और दो चरणों की सार्वजनिक डिजिटल वोटिंग के बाद प्रदान किया गया, जो इस उपलब्धि की पारदर्शिता और गुणवत्ता की और अधिक प्रमाणित करता है। “स्कॉच अवॉर्ड-2025” का वितरण नई दिल्ली में आयोजित होने वाले स्कॉच समिट में मिलेगा।

आयुष विभाग, राज्य सरकार की मंशानुरूप परंपरागत चिकित्सा पद्धति को मुख्य धारा में लाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ क्रियाशील है। आयुष विभाग, आयुर्वेद जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा पद्धति के समकक्ष स्थापित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। आयुष विभाग को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड 2025 से नवाजा जाना, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह अवॉर्ड, टीम भावना, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों सहित विविध मानको पर खरा उतरने पर दिया जाता है।

आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य

आयुष ई-मॉनिटरिंग के मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आयुष चिकित्सालयों और चिकित्सा महावि‌द्यालयों में OPD में अधिकतम वृद्धि करना, अधिक से अधिक नागरिकों की आयुष सुविधा कवरेज में लाना, लोगों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण आयुष सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष विभाग में इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक माह में दो बार वीडियो कॉन्फ्रेसिंग (VC) कर सभी आयुष चिकित्सा अधिकारियों एवं आयुष मेडिकल कॉलेज के साथ अनुभव साझा करना एवं समस्याओं का समाधान, कठोर निगरानी और मूल्यांकन हर केंद्र के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा अनुभव करना एवं श्रेष्ठ प्रथाओं को बढ़ावा देना, प्रत्येक आयुष सुविधा की रैंकिंग प्रकाशित करना, प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण तैयार कर गुणवत्ता बढ़ाना, आयुष अवसंरचना को सुदृढ़ बनाना, अस्पतालों और कॉलेजों में आधुनिक सुविधाओं का विकास करना जैसे अनेक नवाचार अपनाए है।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने आयुष विभाग को प्रतिष्ठित स्कॉच अवाई- 2025 मिलने पर हर्ष व्यक्त करते आयुष विभाग को स्कॉप अवॉर्ड 2025″ मिलना, प्रदेश के लिए गौरव की बात बताई है। मंत्री परमार ने विभाग की इस उपलब्धि के पीछे टीम भावना नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों का क्रियान्वयन बताया है, जिससे नागरिकों को समय पर और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो रही है।

प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा ने बताया कि “आयुष ई-मॉनिटरिंग ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है तथा राज्य के स्वास्थ्य तंत्र में आयुष चिकित्सा की सुलभता और गुणवत्ता को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया है। आहूजा ने बताया कि अपर सचिव आयुष संजय मिश्रा की सतत निगरानी एवं समन्वय ने विभाग की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से ई-मानिटरिंग सिस्टम के सभी घटकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ जिससे राज्यभर में आयुष सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ हैं।

 

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