परिवहन विभाग से नागरिकों को मिल रही 51 फेसलेस सुविधाएँ, प्रदूषण जाँच के लिये 600 से ज्यादा प्रमाणित परीक्षण केन्द्र

भोपाल 

परिवहन विभाग में नागरिकों को ऑनलाईन सुविधा देने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। विभाग द्वारा वर्तमान में 51 प्रकार की फेसलेस सुविधा प्रदान की जा रही है। इस तरह की सुविधा देने वाला मध्यप्रदेश देश में दूसरा राज्य है। नागरिकों द्वारा ऑनलाइन सुविधा लेने के लिये अपलोड किये गये दस्तावेजों में कमी होने पर विभाग द्वारा आवेदक को एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया जा रहा है। इस सुविधा से नागरिक किसी प्रकार की कमी होने पर दस्तावेज को पुन: अपलोड कर पा रहे है। विभाग ने जिलेवार परिवहन कार्यों की समीक्षा के लिये एमआईएस कंसोल का उपयोग शुरू किया है।

प्रदेश में चलने वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण नियंत्रण के लिये उन्नत पीयूसीसी 2.0 प्रणाली शुरू की है। इस समय प्रदेश में 600 से ज्यादा प्रमाणिक परीक्षण केन्द्र संचालित किये जा रहे है। सभी केन्द्रों को वाहन पोर्टल के पीयूसीसी संस्करण 2.0 के साथ एकीकृत किया गया है। इस सुविधा से नागरिकों को पीयूसी प्रमाण पत्र रियल टाईम पर सिस्टम द्वारा जारी किया जा रहा है। प्रदेश में वाहन परमिट समस्या समाधान के लिये क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण का पुनर्गठन कर संभागीय आयुक्तों को परमिट जारी करने का अधिकार दिया गया है। प्रदेश में 2700 से अधिक स्थाई परमिट होने से अस्थाई परमिट पर निर्भरता कम हुई है। इस व्यवस्था से आरटीओ एवं प्रवर्तन के काम में कमी आई है।

पारदर्शिता के उपाय

परिवहन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिये डिजिटल पेमेंट की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। प्रवर्तन के दौरान पीओएस मशीन के माध्यम से पारदर्शी चालान जारी कर समय पर राजस्व लेखा संधारित किया जा रहा है। प्रवर्तन कर्मचारियों की निगरानी के लिये विभाग द्वारा एप विकसित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं सुलभ तरीके से नागरिकों को उपलब्ध करवाने के लिये एमपी ऑनलाइन को अधिकृत किया गया है।

 

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