खंडवा भाजपा विधायक कंचन तन्वे को हाईकोर्ट से राहत, जाति प्रमाण पत्र विवाद में फैसला

जबलपुर
हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने खंडवा से भाजपा विधायक कंचन तन्वे को राहत प्रदान की है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता का वह आवेदन निरस्त कर दिया है, जिसमें विधायक के जाति प्रमाण पत्र की वैधता की सत्यता परखने के लिए राजस्व रिकार्ड तलब किए जाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता को उक्त आवेदन पूर्व में पेश करना था।

जब मामले में मुद्दे तय हो गए और आवेदक ने अपनी गवाही समाप्त कर दी, तब उक्त आवेदन स्वीकार नहीं किया जा सकता। उक्त मत के साथ न्यायालय ने आवेदन निरस्त कर मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद निर्धारित कर दी। याचिका खंडवा के आंबेडकर वार्ड निवासी कुंदन मालवीय की ओर से दायर की गई है।
 
आवेदक का कहना है कि तन्वे वर्ष 2023 में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित खंडवा सीट से भाजपा की उम्मीदवार थी। आरोप है कि अनावेदिका ने जो जाति प्रमाण पत्र पेश किया है, वह वैध नहीं, क्योंकि उक्त जाति प्रमाण पत्र का कोई प्रकरण क्रमांक नहीं है, न ही उसकी शासकीय कार्यालय में कोई फाइल है।

इतना ही नहीं उक्त प्रमाण पत्र में पिता की जगह पति का नाम दर्ज है। याचिका में मांग की गई कि झूठा जाति प्रमाण पत्र पेश करने पर निर्वाचन शून्य घोषित किया जाना चाहिए। मामले में पूर्व में हुई गवाही के बाद आवेदक की ओर से जाति प्रमाण पत्र की सत्यता के लिए राजस्व रिकार्ड तलब किए जाने का आवेदन पेश किया गया था।

  • Related Posts

    उज्जैन में पुलिस टीम पर हमला: तीसरा आरोपी सरदार सिंह गिरफ्तार, जुलूस निकालकर कोर्ट में किया पेश

    उन्हेल थाना क्षेत्र के नागझिरी गांव की घटना और मामला दर्ज मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। जिले के…

    इंदौर के आजाद नगर में बड़ी वारदात: खरीदारी करने आई महिला से मंगलसूत्र और नकदी की चोरी, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी

    मुसाखेड़ी बाजार में महिला को बातों में उलझाकर बनाया शिकार इंदौर के आजाद नगर थाना क्षेत्र स्थित मुसाखेड़ी बाजार से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। त्योहारी…