पेंशन प्रकरणों का प्रदेश स्तर पर 10 दिनों में होगा निराकरण, अब समय की होगी बचत

भोपाल.

सेवानिवृत्ति के बाद अब पेंशन प्रकरणों का 10 दिनों में प्रदेश स्तर पर निराकरण होगा। इस नई व्यवस्था से अब सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन आदेश (पीपीओ) के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पहले पीपीओ जारी होने में छह माह से एक वर्ष तक लग जाता था और शासकीय सेवक को सेवानिवृत्त के बाद पेंशन कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते थे।

इसको लेकर मध्य प्रदेश पेंशन संचालनालय ने केंद्रीय कृत व्यवस्था बनाई है। अभी तक जिलों से प्रकरण बनते थे और फिर प्रदेश में आते थे। उसमें विलंब होता था। अब चुकी कैबिनेट ने निर्णय करके जिला कार्यालय बंद कर दिए हैं, ऐसे में प्रदेश स्तर पर ही पूरा काम होगा। इससे समय की बचत होगी। यह नई व्यवस्था पूरी तरह से डिजिटल होगी।

जिलों के पेंशन अधिकारी ई-साइन (डिजिटल साइन) से पीपीओ जारी करेंगे। किसी अधिकारी के हाथ से साइन नहीं होंगे। पीपीओ सीधे स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआइ) को भेजा जाएगा। प्रदेश में करीब पांच लाख पेंशनर हैं। अब तक पेंशन बढ़ने या घटने पर, नया पीपीओ बनवाने के लिए पेंशनर को दफ्तर और बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब पीपीओ डिजिटली जारी होगा। घर बैठे प्रक्रिया पूरी हो सकेगी। डिजिलाकर में पीपीओ सुरक्षित रहेगा, नया खाता जरूरी नहीं, मौजूदा बैंक खाते में ही राशि आएगी।

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