मुरैना में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार तीन मजदूरों को कुचला, तीनों की मौत

टक्कर के बाद करीब चार किलोमीटर तक घिसटता रहा राम प्रकाश का शव, चालक ट्रक लेकर फरार

मुरैना। नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार तीन मजदूरों को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में घिरोना मंदिर के पास हुए इस भीषण हादसे में तीनों मजदूरों की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो मजदूरों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीसरे ने जिला अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली।

मृतकों की पहचान कल्लू पुत्र मुन्नालाल माहौर (31 वर्ष), गोपी पुत्र मुन्नालाल माहौर (18 वर्ष) और राम प्रकाश पुत्र बांकेलाल माहौर (50 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों हिंगोना कला, थाना सिविल लाइन क्षेत्र के निवासी थे।

मजदूरी करके घर लौट रहे थे तीनों मजदूर

जानकारी के अनुसार, तीनों मजदूर जड़ेरुआ मंदिर पर मजदूरी करने के बाद रात में बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान नेशनल हाईवे पर घिरोना मंदिर के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही तीनों सड़क पर गिर गए। हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राम प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए।

चार किलोमीटर तक घिसटता रहा राम प्रकाश का शव

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राम प्रकाश का शव ट्रक के पहियों के बीच फंस गया और करीब चार किलोमीटर तक घिसटता चला गया। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।

हाईवे पर लगा जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा

हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतकों के शव और घायल राम प्रकाश को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान राम प्रकाश ने भी दम तोड़ दिया।

पुलिस ने भीड़ को हटवाकर करीब आधे घंटे बाद हाईवे पर यातायात बहाल कराया। तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।

घिरोना मंदिर से क्वारी नदी पुल तक हादसों का खतरा

इस हादसे ने एक बार फिर घिरोना मंदिर से क्वारी नदी पुल तक के हाईवे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भी इसी इलाके में सड़क हादसे में तीन महिलाओं की जान गई थी।

लोगों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित सॉल्वेंट फैक्ट्री के कारण ट्रकों की आवाजाही काफी अधिक रहती है। सड़क किनारे दर्जनों ट्रक एक साथ खड़े रहते हैं, जो हादसों का खतरा बढ़ाते हैं। इसके बावजूद सड़क किनारे खड़े होने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है।

मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दिलाने की पहल

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने की पहल भी की गई है। विधायक प्रतिनिधि ब्रजकिशोर दंडोतिया ने बताया कि कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना की ओर से मृतकों के परिवारों को सहायता दिलाने के लिए कलेक्टर से चर्चा की गई है।

कलेक्टर ने तत्कालिक सहायता के रूप में 25-25 हजार रुपये देने की बात कही है। वहीं कृषि मंत्री ने इस राशि को बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये करने के लिए कहा है। प्रतिनिधि के अनुसार, दो दिन बाद कृषि मंत्री मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे और उसी दौरान सहायता राशि के चेक दिए जाएंगे।

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