ग्वालियर स्कूल हादसा: दो अधिकारी निलंबित, प्रोजेक्ट इंजीनियर को कारण बताओ नोटिस; निर्माण की निगरानी में मिली खामियां

By: Ravindra Singh

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में निर्माणाधीन सांदीपनि पद्मा कन्या विद्यालय की छत गिरने की घटना के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम ने मामले में सहायक यंत्री राजदीप सिंह जादौन और उपयंत्री सतेन्द्र पाण्डेय को निलंबित कर दिया है। वहीं, परियोजना यंत्री मनोज आचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। निर्माण कार्य के दौरान हुए इस हादसे में चार मजदूर घायल हुए थे। घटना के बाद भवन निर्माण की गुणवत्ता और अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।

स्लैब डालते समय अचानक गिरी छत, चार मजदूर हुए घायल

यह घटना 26 अक्टूबर को ग्वालियर के कंपू क्षेत्र स्थित पद्माराजे स्कूल परिसर में हुई थी। यहां सीएम राइज योजना के अंतर्गत नए विद्यालय भवन का निर्माण कराया जा रहा था। इसी दौरान छत का स्लैब डालने का काम चल रहा था, तभी निर्माणाधीन छत का एक हिस्सा अचानक नीचे गिर गया। हादसे में चार मजदूर घायल हो गए।

घटना के बाद निर्माण में इस्तेमाल की जा रही तकनीक, सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सवाल खड़े हुए। साथ ही, निर्माण कार्य की निगरानी कर रहे अधिकारियों की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में आ गई।

भोपाल से आई जांच टीम ने घटनास्थल का किया निरीक्षण

हादसे की गंभीरता को देखते हुए भोपाल से जांच दल ग्वालियर पहुंचा। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटाई। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि छत गिरने के पीछे निर्माण संबंधी खामी थी या निगरानी में किसी तरह की लापरवाही हुई थी।

शुरुआती जांच में निर्माण कार्य की निगरानी व्यवस्था में कमियां सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। हालांकि, घटना के सभी कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

दो अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई, परियोजना यंत्री से मांगा जवाब

पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम के प्रबंध संचालक अनंत कुमार सिंह ने मामले में कार्रवाई के लिए अलग-अलग आदेश जारी किए हैं। इसके तहत सहायक यंत्री राजदीप सिंह जादौन और उपयंत्री सतेन्द्र पाण्डेय को निलंबित किया गया है। वहीं, परियोजना यंत्री मनोज आचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।

अब जांच में निर्माण की गुणवत्ता, कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। इस घटना ने सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता नियंत्रण और नियमित निगरानी की व्यवस्था पर भी ध्यान खींचा है।

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