मुरैना। शहर में मेडिकल स्टोर्स पर दवाओं की कथित अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। नशे के लिए दुरुपयोग के आरोपों के बीच Pregacap-300 टैबलेट को बिना डॉक्टर के पर्चे के बेचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि कुछ मेडिकल स्टोर संचालक इस दवा को निर्धारित कीमत से दो से तीन गुना अधिक दाम पर बेच रहे हैं। इस मामले ने ड्रग विभाग की निगरानी और कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
नशे के लिए दवा के दुरुपयोग की आशंका
Pregacap-300 में प्रीगाबालिन दवा होती है, जिसका इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह पर नसों से जुड़े दर्द और कुछ अन्य विशेष चिकित्सकीय स्थितियों में किया जाता है। निर्धारित मात्रा से अधिक या बिना डॉक्टर की सलाह के इसका सेवन करने पर अत्यधिक नींद, चक्कर, बेहोशी और सांस लेने में परेशानी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। दूसरी दवाओं के साथ इसका सेवन जोखिम को और बढ़ा सकता है।
आरोप हैं कि मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से उपलब्ध होने के कारण कुछ युवा इसका नशे के रूप में दुरुपयोग कर रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो और बिक्री से जुड़े आरोपों की जांच होना बाकी है।
टर्मिन इंजेक्शन के बाद अब टैबलेट की बिक्री पर सवाल
गौरतलब है कि दो दिन पहले कोतवाली पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 4.50 लाख रुपये के टर्मिन इंजेक्शन जब्त किए थे। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। अब Pregacap-300 की कथित खुलेआम बिक्री का वीडियो सामने आने के बाद दवाओं के दुरुपयोग और अवैध बिक्री को लेकर चिंता बढ़ गई है।
नकली दवाओं की बिक्री के भी आरोप
मुरैना में नकली दवाओं के कारोबार को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। दावा है कि आगरा से नकली दवाओं की खेप लाकर ब्रांडेड कंपनियों के नाम और पैकिंग की आड़ में बाजार में बेची जा रही है। कुछ मेडिकल स्टोर्स पर ऐसी दवाओं के जरिए अधिक मुनाफा कमाने के आरोप भी हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित दवाओं की जांच की जानी बाकी है।
ड्रग विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
शिकायतों के बावजूद मेडिकल स्टोर्स के नियमित निरीक्षण नहीं होने और विभागीय कार्रवाई केवल दवाओं के नमूने लेने तक सीमित रहने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि बिना चिकित्सकीय पर्चे के नियंत्रित दवाओं की बिक्री कैसे हो रही है और नशे के लिए दुरुपयोग की आशंका वाली दवाएं बाजार में कैसे उपलब्ध हैं।
अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और सामने आए आरोपों के बाद ड्रग विभाग कब जांच शुरू करता है और संबंधित मेडिकल स्टोर्स के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।




